मेडिकल कॉलेज में बाहर से मंगाई जा रहीं दवाओं पर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग अनिता भटनागर ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान मरीजों ने डॉक्टरों की मौजूदगी और जांच पर तो संतोष जताया, मगर बाहर से दवा मंगाने की जब शिकायत की तो उन्होंने कैंपस के मेडिकल स्टोर का रिकॉर्ड तलब किया।
सुबह 11 बजे मेडिकल कॉलेज में पहुंचीं अनिता भटनागर निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज की साफ-सफाई से नाखुश नजर आईं। इसके साथ ही निर्माणाधीन पांच सौ बेड वाले बाल रोग संस्थान की धीमी कार्यप्रगति पर असंतोष जताया। उन्होंने बताया कि कैंपस में बन रहे हॉस्टल और सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के निर्माण में मोरंग, गिट्टी, बालू न मिलने से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कार्यदायी संस्था को शीघ्र निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है। इस दौरान बीआरडी के प्राचार्य राजीव मिश्रा, एसपी सिटी, एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
वार्ड में दिखी गंदगी, जिम्मेदारों को कड़ी हिदायत
अपर मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान 100 बेड के इंसेफेलाइटिस वार्ड के साथ मेडिकल कॉलेज परिसर में गंदगी देख जिम्मेदारों को इसे साफ सुथरा बनाए रखने की कड़ी हिदायत दी। इसके साथ ही ट्रॉमा सेंटर के निरीक्षण के दौरान मरीजों से हाल चाल लिया और दवाओं के साथ मिल रही सुविधाओं की पूछताछ की।
अंग्रेजी डिस्प्ले को हिंदी में करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने टोकन नंबर और नाम के लिए डिस्पले वाली स्क्रीन में आने वाले जानकारी को अंग्रेजी भाषा से हटाकर हिंदी में कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को परेशानी नही उठानी पड़ेगी।
प्राचार्य से पूछा कैंपस में गंदगी का जिम्मेदार कौन
अपर मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान कॉलेज की साफ-सफाई की व्यवस्था से नाखुश दिखाई दीं। इसे लेकर उन्होंने प्राचार्य से पूछा कि गंदगी के लिए जिम्मेदार कौन है। आखिर इन लोगों की जिम्मेदारी तय कर इसे रोजाना सुनिश्चित क्यों नहीं किया जाता।
दो घंटे मेडिकल कॉलेज में रहीं
अपर मुख्य सचिव दो घंटे तक मेडिकल कॉलेज में रहीं। इस दौरान उन्होंने इंसेफेलाइटिस वार्ड और आईसीयू वार्ड में लगी मशीनों का भी निरीक्षण किया तथा मशीनों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नवजात शिशु सघन कक्ष का भी निरीक्षण किया। इसके बाद अस्पताल में निर्माणाधीन वार्ड के वित्तीय एवं भौतिक प्रगति, पैरामेडिकल स्टाफ की आवश्यकता की समीक्षा की।