प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दो जनवरी को प्रस्तावित प्रधानमंत्री की रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने हर बूथ से कम से कम दस कार्यकर्ताओं को लखनऊ भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मिशन 2017 फतह करने के लिए भाजपा काफी पहले से तैयारी में जुटी है। योजनाबद्ध तरीके से प्रदेश के चार प्रमुख स्थानों से परिवर्तन यात्रा शुरू की गई। इसका उद्देश्य हर विधानसभा से गुजरना, एक स्थान पर जनसभा कर केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताना तथा प्रदेश सरकार की नाकामियों को गिनाना था। परिवर्तन यात्रा में भाजपा के बड़ेे-बड़े नेता शामिल हुए। पूर्वांचल में हुई सभाओं में तो प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष तक शामिल हुए। पार्टी की परिवर्तन यात्रा 24 को लखनऊ में समाप्त हो रही है। पहले तय था कि उसी दिन भाजपा की बड़ी रैली होगी, पर अब उसे आगे बढ़ाकर दो जनवरी कर दिया गया है।
रैली की तैयारियों को लेकर 25 दिसंबर को सभी विधानसभाओं में बैठक होगी। इसमें पार्टी के क्षेत्रीय पदाधिकारियों से लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री तक शामिल होंगे। जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी चिल्लूपार की बैठक में शामिल होंगे तो पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीराम चौहान कैंपियरगंज की बैठक में। उनके अलावा त्रयंबकनाथ त्रिपाठी, रामजियावन मौर्य सहित अन्य कई नेता भी बैठकों में शामिल होंगे।
पार्टी के महामंत्री 27 दिसंबर को तीन विधानसभाओं के प्रमुख लोगों की बैठक लेंगे। तीनों पदाधिकारी विधानसभा क्षेत्रों में लगातार प्रवास कर तैयारियों की समीक्षा करेंगे। यदि कहीं कोई समस्या है तो उसे दूर किया जाएगा। प्रदेश मंत्री कामेश्वर सिंह ने बताया कि पीएम की यह रैली अब तक की सबसे बड़ी होगी। जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी कहते हैं कि लखनऊ की रैली में गोरखपुर के कार्यकर्ताओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। पार्टी की तरफ से हर बूथ से 20-20 कार्यकर्ताओं को ले जाने का लक्ष्य है, पर कम से कम दस तो जाएंगे ही। कार्यकर्ताओं को प्रवेशिका दी जाएगी। उन्हें ले जाने के लिए हर सेक्टर पर एक बस और सात छोटी गाड़ियां लगाई जाएंगी।