पीड़ित परिवार का आरोप है कि महिला ने खुद को अंजू वर्मा बताकर उनके घर आना-जाना शुरू किया था। इस दौरान उनकी बेटियों से दोस्ती हो गई। महिला होने के चलते परिजनों ने विरोध नहीं किया। गत 30 जून को बेटी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई तो परिजनों को शक हुआ। तीन जुलाई को पुलिस ने बस्ती निवासी अंजू उर्फ किताबुलनिशा के खिलाफ बेटी को अगवा करने में सहयोग करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज किया।
परिजनों ने बताया कि किताबुलनिशा खुद रवि बनकर युवती से बातचीत करती रही। लापता होने के बाद तलाश शुरू की तो उसका असली नाम सामने आ सका। पता चला कि वही आवाज बदलकर रवि बनी थी। पुलिस पूछताछ में बताया गया कि दोनों शादी कर चुकी हैं। हालांकि नवाबगंज पुलिस ने युवती की तलाश कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मगर बीते नौ जुलाई को वह फिर किताबुलनिशा के साथ चली गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला बड़े धर्मांतरण की साजिश में संलिप्त है।
मामले में थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि महिला यूट्यूबर है। युवती के बयान के आधार पर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। जांच के बाद पूरा मामला सामने आएगा।