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Gonda News: बाढ़ के पानी में डूबकर युवक की मौत

Thu, 01 Oct 2026 01:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा में दत्तनगर के घरुकन पुरवा में नाव से जाते ग्रामीण।
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विश्नोहरपुर/उमरी बेगमगंज/विश्नोहरपुर/करनैलगंज। विश्नोहरपुर में घर से मजदूरी के लिए निकला युवक बुधवार सुबह गांव के पास ही बाढ़ के पानी में डूब गया। इससे उसकी मौत हो गई। इंदरपुर गांव के मजरे पूरे अंबर निवासी बृजेश कुमार (32) बुधवार की सुबह मजदूरी के लिए घर से निकले थे।
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दोपहर 12 बजे वह गांव के समीप मुख्य रास्ते के बगल से जा रहे थे तभी पैर फिसलने से वह बाढ़ के पानी में चले गए और डूबने लगे। आसपास के लोगों ने पहुंचकर उन्हें पानी से बाहर निकाला। सीएचसी में चिकित्सक के उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। उप जिलाधिकारी तरबगंज सविता शुक्ला ने परिजनों से जानकारी ली। कहा, परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता दिलाई जाएगी। सीओ डॉ. उमेश्वर प्रभात सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

उधर, सरयू का जलस्तर घटने लगा है लेकिन माझा क्षेत्र में बाढ़ का पानी अभी गांवों से नहीं निकला है। ब्योंदा माझा, दत्तनगर, साकीपुर, गोकुला, तुलसीपुर माझा, इंदरपुर, चौखड़िया, महंगूपुर, जैतपुर, माझाराठ, दुल्लापुर और दुर्गागंज समेत दर्जनभर से अधिक गांव प्रभावित हैं। संपर्क मार्ग डूबे होने से ग्रामीणों को पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। खेतों में फसलें डूबी हैं और पशुओं के चारे का संकट बना हुआ है।
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बुधवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.410 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से 34 सेंटीमीटर अधिक है। अयोध्या में जलस्तर 93.080 मीटर रहा। नदी में 3,06,548 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गोंडा-अयोध्या मार्ग के दक्षिण स्थित गांवों में पानी फैलने से आवागमन प्रभावित है। पूरे अंबर में निर्माणाधीन 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर पानी भरने से काम बंद है। गोकुला के टेपरा, चोड़वा और साकीपुर अट्ठईसा जाने वाले रास्ते पर कमर तक पानी है। साकीपुर में डीहा-शुक्लपुरवा और दत्तनगर से ढेमवा जाने वाला वैकल्पिक मार्ग भी बाधित है। बैसिया में डाली गई मिट्टी गलने से रास्ते पर कटान का खतरा बना हुआ है।


पानी से होकर निकल रहे ग्रामीण
साकीपुर के पुद्दनपुरवा निवासी सीताराम यादव पानी से होकर जाते मिले। उन्होंने बताया कि नाव नहीं मिली है। गोकुला के ज्ञान बहादुर ने भी नाव की कमी बताई। दत्तनगर के घरुकनपुरवा निवासी असगर अली ने बताया कि लोग निजी नाव से आवागमन कर रहे हैं। दत्तनगर के प्रशासक राजाराम यादव ने बताया कि गांव के 22 मजरे पानी से घिरे हैं। व्योन्दा माझा के प्रशासक केशवराम यादव के अनुसार इस बार पानी अधिक आने से स्थिति गंभीर है। लेखपाल ओम प्रकाश वर्मा ने बताया कि प्रभावित स्थानों पर नाव भेजी गई हैं।

स्कूलों में पानी, घट गई बच्चों की उपस्थिति
दत्तनगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में पानी भरने से 76 नामांकित बच्चों में बुधवार को केवल आठ पहुंचे। इंचार्ज अमलेन्द्र दूबे ने बताया कि जलभराव के कारण उपस्थिति प्रभावित हुई है। तुलसीपुर के बलुहा प्राथमिक विद्यालय में भी परिसर जलमग्न है। प्रधानाध्यापक रजनी सिंह ने बताया कि 72 बच्चों में 15 ही विद्यालय पहुंचे। शिक्षिकाएं बगल के निजी आवास में पढ़ा रही हैं।

25 हजार आबादी प्रभावित
उमरी बेगमगंज क्षेत्र में ऐली परसौली, गढ़ी, परास, जबरनगर, बहादुरपुर, व्योन्दा और दत्तनगर बाड़ी माझा समेत दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 25 हजार आबादी प्रभावित होने का अनुमान है। कई परिवार ऊंचे स्थानों, सड़कों और रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं। करनैलगंज के नकहरा गांव के नौ मजरों में मंगलवार को घुसा पानी बुधवार को घटने लगा। करीब दो दर्जन परिवार मवेशियों के साथ बांध पर रुके थे।

लेखपाल बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि गांव के भीतर अब नाव की जरूरत नहीं है। बाहर नाले और नदी के बीच खेतों से चारा लाने के लिए नाव लगाई गई है। बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि जलस्तर तेजी से घट रहा है। डिस्चार्ज भी कम हो रहा है और फिलहाल कटान नहीं हो रही है।
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