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महादानी युवा बचा रहे जरूरतमंदों की जान

Wed, 18 Nov 2015 11:10 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
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 कहतें हैं कि इरादे नेक और हौसले मजबूत हों तो आदमी को अपनी मंजिल खुद ब खुद मिल जाती है। शायद इसी उम्मीद ने गोंडा के कुछ नवयुवकों में एक ऐसा जज्बा भर दिया जो आज लोगों की जान बचाने के काम आ रहा है। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। इसी उद्देश्य को लेकर यहां के कुछ नवयुवकों ने मिलकर अपनी एक टोली बनाई है, जो न सिर्फ जरूरतमंदों को मौके पर पहुंचकर उन्हें खून मुहैया कराती है, बल्कि लोगों को इस मिशन से जुड़कर ब्लड डोनेट करने के लिए प्रेरित भी करती है।
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द मॉब (माई ओन ब्लड बैंक) के नाम से गठित इस संस्था का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना में घायल या फिर किसी बीमारी से बीमार लोगों को खून देकर उनकी जान बचाना है। जिसका काम संस्था की ओर से सिर्फ केवल जनपद में किया जा रहा है, बल्कि गैरजनपदों से भी लोगों को जोड़कर जरूरतमंदों को खून मुहैया कराया जा रहा है।

संस्था के कोआर्डिनेटर मनीष राज पाण्डेय, देवेश श्रीवास्तव व मनीष श्रीवास्तव का संयुक्त रूप से कहना है कि उन्होंने इस संस्था का गठन किसी स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि लोगों की जान बचाने के लिए किया है। शुरुआती दौर में वह तीन लोग ही इस मिशन में अकेले निकले थे, लेकिन अब धीरे-धीरे उनके इस मिशन में 12 सौ ऊपर लोग अलग-अलग जनपदों से जुड़ चुके हैं। पेश है रिपोर्ट-
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बिना डोनर नहीं मिलता खून
किसी भी सरकारी ब्लड बैंक से किसी मरीज या फिर दुर्घटना में घायल व्यक्ति को खून तभी दिया जाता है, जब वह अपने साथ किसी डोनर (खून देने वाले व्यक्ति) को लेकर जाए। ऐसा न होने पर कई बार लोगों को अपनी जान से हाथ धो देना पड़ता था। जिसे देखते हुए द मॉब नामक इस संस्था ने आन काल जरूरत मंदों को खून मुहैया कराए जाने की यह अनूठी पहल शुरू की है।

एक महीने में 18 लोगों को दिया खून
कुछ दिनों पहले फामिता स्कूल के सामने हुई दुर्घटना के पीड़ित छात्र को द मॉब संस्था के लोगों ने तीन यूनिट ब्लड मुहैया कराया था। इसके अलावा लखनऊ के विवेकानंद में भर्ती डेंगू से पीड़ित एक बच्ची को तीन यूनिट ब्लड दिया। जबकि मेडिकल कालेज में धर्मेंद्र नाम के युवक को संस्था की ओर से खून मुहैया कराया गया। वहीं सहारा हास्पिटल से लेकर गोंडा शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती एक दर्जन से ऊपर लोगों को संस्था की ओर से मुफ्त में खून डोनेट किया जा चुका है।

ऑनलाइन सदस्य बनने के लिए कर सकते हैं आवेदन
द मॉब (माई ओन ब्लड बैंक) के नाम से गठित संस्था ने अपनी एक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट द मॉब डाट ओआरजी डाट इन बना रखी है। जिससे लोग जुड़कर संस्था में अपना आवेदन कर इसके सदस्य बन सकते हैं। ताकि जिस जिले के वह रहने वाले हैं, वहां अगर किसी जरूरतमंद को खून चाहिए हो, तो उसे उस व्यक्ति के माध्यम से खून की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा सके।

500 यूनिट ब्लड की है क्षमता
जिला अस्पताल गोंडा में स्थित ब्लड बैंक की कुल क्षमता मौजूदा समय 500 यूनिट ब्लड की है। जिसमें से 250 बोतल प्लाज्मा और 30 बोतल ब्लड वर्तमान में जिला अस्पताल में उपलब्ध है। यह ब्लड मरीजों को सिर्फ तभी दिया जाता है, जब उनके साथ कोई डोनर हो। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आशुतोष गुप्त के मुताबिक ब्लड बैंक में ब्लड डोनेट करने पर यही ब्लड जरूरतमंदों को 400 रुपये प्रति यूनिट लेकर दिया जाता है। इस 400 रुपये से ब्लड बैंक में मरीजों के खून की जांच होती है। जो पैसा ब्लड देने वाले व्यक्ति से वसूला जाता है।

खून चाहिए तो यह नंबर मिलाइए
जरूरतमंदों को खून दिए जाने के लिए द मॉब नामक संस्था ने अपने तीन मोबाइल नम्बर 9565209999, 9453881137, 8948475151 जारी किए हैं, जिसपर कॉल आने पर संस्था के लोग एक जनपद से दूसरे जनपद में जाकर लोगों को खून मुहैया कराते हैं। अगर उनका कोई सदस्य उस जनपद में हैं, तो वह उसके मार्फत भी खून दिए जाने की व्यवस्था करते हैं।

यूपी के बाहर से भी जुड़े हैं लोग
जरूरतमंदों को मुफ्त में खून मुहैया कराए जाने के उद्देश्य से गठित संस्था द मॉब में केवल यूपी के ही जिलों से लोग नहीं जुड़े हैं, बल्कि इससे दिल्ली, बंगलोर, पुणे, इंदौर, मुम्बई से भी काफी संख्या में लोग जुड़े हैं। वहीं संस्था में गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, फैजाबाद, बदायूं, पीलीभीत,  लखनऊ व बरेली से अबतक 12 सौ के करीब लोग जुड़ चुके हैं।

ब्लड बैंक की भी देते फीस
खून चाहने वाले जरूरतमंदों को संस्था के लोग उनके नजदीकी जनपद में पड़ने वाले ब्लड बैंक में जाकर मुफ्त में खून देते हैं। साथ ही ब्लड बैंक तक आने-जाने का सारा खर्च भी संस्था द्वारा ही वहन किया जाता है। वहीं ब्लड बैंक में ब्लड डोनेट करने के नाम पर जो 400 रुपये फीस प्रति यूनिट संबंधित ब्लड बैंक लेती है, उसकी अदायगी भी संस्था के ही द्वारा की जाती है। लेकिन यह शर्त सिर्फ असक्षम लोगों के लिए ही लागू है।
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