अमर उजाला सरोकार के तहत रविवार को आयोजित कार्यक्रम में युवाओं ने नेतृत्व क्षमता, मतदान में भागीदारी व चुनाव में युवाओं से परहेज पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने चुनाव में युवाओं की हिस्सेदारी को लेकर ही सवाल उठाए।
छात्र संघ अध्यक्ष उमेश शुक्ल, मेडिकल में पीजी कर रहे डा. आशीष गुप्ता, दिवाकर मिश्र, युवा क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र पांडेय सहित अन्य सभी युवाओं व छात्रों ने कहा कि जिस जिले व देश में युवाओं की इतनी बड़ी तादात है वहां युवाओं को नेतृत्व क्षमता विकसित करनी चाहिए। इसके लिए किसी युवा को किसी ने नेता या जनप्रतिनिधि का पिछलग्गू नहीं होना चाहिए।
गोंडा जैसे जिले में 51 फीसद युवा मतदाता हैं। इन्हें रोजगार जो दिला सके, जो बिना किसी घूस के युवाओं का कार्य करवा सके। जो युवाओं के लिए सुलभ होकर उनकी बात सुन सके तथा उनकी शिक्षा को बढ़ावा दे सके ऐसे जनप्रतिनिधि को चुना जाना चाहिए। इसके लिए युवाओं को पहले मतदान में बढ़ चढ़कर भाग लेने की जरूरत है। इसके बाद दूसरों को भी मतदान के अधिकार को बताने की जरूरत है। जब लोग मताधिकार से परिचित हो जाएंगे तब नेतृत्व क्षमता विकसित करने को भी बल मिलेगा।
युवा अभिषेक शुक्ल, रोहित साहू, अरविंद साहनी, धर्मेंद्र साहनी व मिथुन आदि ने युवाओं ने कहा कि सबसे अधिक कमी हम लोगों में ही है। जिस दिन युवाओं में यह अहसास हो जाएगा कि उनके अधिकार क्या हैं और युवा संगठित होकर यदि कोई कार्य करेगा तो निश्चय ही सफलता मिलेगी। हम अपने आप को ही अपने स्वार्थ में फंसकर नेताओं के पीछे लगा देते हैं।यही कारण है कि युवाओं कोई राजनीतिक दल तवज्जो नहीं देता है और पुराने धुरंधरों पर विश्वास कर लेता है।