जिले के सात ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों की स्वीकृति के बिना क्षेत्र पंचायत निधि से मनरेगा में सामग्री मद में 4.80 करोड़ रुपये अधिक खर्च कर दिए। यह राशि कौन सी सामग्री की खरीद पर खर्च की गई इसका दस्तावेजों में उल्लेख भी नहीं किया गया।
डीएम की जांच में यह मामला पकड़ में आने के बाद सभी ब्लॉकों के बीडीओ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। एक सप्ताह में रिपोर्ट न मिलने पर डीएम ने बीडीओ व लेखाकार से राशि वसूली की चेतावनी दी है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत मजदूरी भुगतान व सामग्री खरीद के लिए अलग-अलग बजट का प्रावधान है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2016-17 में क्षेत्र पंचायत निधि से विकास कार्यों के क्रियान्वयन के लिए राशि का आवंटन किया गया था।
इन विकास कार्यों में सामग्री मद में खर्च की जाने वाले राशि की वित्तीय स्वीकृति लेनी थी लेकिन जनपद की इटियाथोक, झंझरी, नवाबगंज, पंडरी कृपाल, बेलसर, रुपईडीह व कटरा बाजार में अफसरों ने बिना वित्तीय स्वीकृति हासिल किए ही 4.80 करोड़ रुपये खर्च कर दिए।
सामग्री मद में भुगतान की गई इस राशि की रिपोर्ट तो अफसरों ने जिले पर भेज दी लेकिन इस राशि का भुगतान कौन-कौन से कामों पर किया गया और इसके लिए किस अधिकारी की स्वीकृति ली गई, इसका उल्लेख रिपोर्ट में नहीं किया गया।
डीएम आशुतोष निरंजन ने जब इसकी समीक्षा की तो यह गड़बड़ी सामने आई। डीएम ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए इन सभी ब्लॉक के खंड विकास अधिकारियों को नोटिस जारी कर खर्च की गई राशि का पूरा ब्योरा तलब किया है।