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48 लाख खर्च से एक लाख बच्चों में बढ़ाई जाएगी लेखन क्षमता

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गोंडा। परिषदीय स्कूलों की पहचान पहले तख्ती और खड़िया मिट्टी या चाक से लिखने से हुआ करती थी। अब एक बार फिर परिषदीय स्कूलों के बच्चों को स्लेट और चाक पर लिखने की परंपरा को लागू किया जा रहा है। पढ़े भारत बढ़े भारत योजना से जिले के 2238 प्राइमरी स्कूलों के कक्षा एक में पढ़ने वाले बच्चों को स्लेट और चाक दिया जाएगा। कक्षा दो के बच्चों को कॉपी मिलेगी और 10 स्कूलों में ट्यनिंग कार्यक्रम लागू हो रहा है। पूरी योजना के लिए 48 लाख रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है।
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प्राइमरी स्कूलों को पढ़े भारत बढ़े भारत योजना में शामिल करने के बाद बच्चों में लिखने की क्षमता का विकास किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को नए ढंग से प्रशिक्षित किया जा रहा है। माना जा रहा है कि कक्षा एक के बच्चों को स्लेट व चाक देने से उनमें लिखने की क्षमता बढ़ेगी। कक्षा दो से कॉपी पर लिखने के लिए दिया जाएगा। इससे बच्चों के लिखावट में सुधार होगा। इसके लिए कक्षा एक व दो एक लाख से अधिक बच्चों को योजना में शामिल किया गया है। स्लेट और कॉपी देने के लिए 35 लाख 57 हजार रुपये का बजट तय किया गया है। एक बच्चे पर करीब 35 रुपये का खर्च करके कक्षा एक बच्चों को स्लेट व चाक तथा कक्षा दो के बच्चों को तीन-तीन कापियां दी जानी हैं। इसके अलावा 13 लाख रुपये मास्टर ट्रेनरों और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर खर्च करना है।
ट्यूनिंग प्रोग्राम के लिए 10 स्कूलों को मिलेगा 90 हजार का बजट
जिले के दस स्कूलों में ट्यूनिंग प्रोग्राम चलाने की पहल हुई है। चुने गए 10 स्कूलों को 9-9 हजार रुपये की दर से 90 हजार रुपये दिए जाने हैं। इससे चुने गए स्कूलों में 10-10 बच्चों को चुना जाना है, इसमें बालिकाओं के साथ ही साथ अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन बच्चों को गैर सरकारी स्कूलों के बच्चों के साथ जोड़ा जाएगा। दोनो को एक दूसरे से संवाद तथा अनुभव साझा करने का अवसर दिया जाना है। जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति लगाव तो बढ़ेगा ही उनमें अपने भीतर की क्षमता का ज्ञान होगा। इस तरह वह बच्चे एक सप्ताह तक निजी स्कूलों में शामिल होने के बाद अपने स्कूल में आकर बच्चों से अनुभव साझा करेंगे। शैक्षिक परिवेश बदलने के लिए यह पहल हो रही है।
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शिक्षकों का शुरू हुआ प्रशिक्षण
परिषदीय स्कूलों में पढ़े भारत बढ़े भारत अभियान को लागू करने के लिए 2238 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर शिक्षकों को ट्यूनिंग प्रोग्राम संचालित करने के तौर तरीके सिखाने के साथ ही स्लेट के प्रयोग और होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी दी जा रही है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण पूरा होने के बाद स्कूलों में अभियान शुरू होगा।
पढ़े भारत बढ़े भारत अभियान को स्कूलों में लागू कर दिया गया है। स्कूलों को बजट भेज दिया गया है, प्रशिक्षण हो रहा है। स्कूली शिक्षा में बड़े बदलाव लाने की पहल की जा रही है। -मनिराम सिंह, बीएसए
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