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राहत: दो आक्सीजन प्लांट पर काम शुरू, हर घंटे मिलेगी 111 मीट्रिक टन प्राणवायु

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गोंडा। अस्पतालों में मेडिकल आक्सीजन की कमी दूर करने के लिए जिले में प्रस्तावित 12 आक्सीजन प्लांटों में से दो आक्सीजन प्लांटों पर काम शुरू कर दिया गया है।
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जिला अस्पताल स्थित कोविड एल-2 हॉस्पिटल तथा सीएचसी काजीदेवर में आक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। जिससे अस्पतालों को हर घंटे 111 मीट्रिक टन मेडिकल आक्सीजन मिल सकेगा।
कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर में आक्सीजन की कमी से जिले के सैकड़ों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। जिसमें कुछ मरीजों को तो अस्पताल का बेड नसीब हुआ तो अधिकांश लोगों ने अस्पतालों की चौखट पर या गाड़ियों में इधर-उधर भटकते हुए अपनी जान गवां दी।
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करीब महीने भर पहले आलम ये था कि आक्सीजन के लिए कोहराम मचा था। आक्सीजन की किल्लत दूर करने के लिए पीएम केयर्स फंड व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से 12 आक्सीजन प्लांट बनना प्रस्तावित हुआ है, जिसमें दो आक्सीजन प्लांट पर काम शुरू कर दिया गया है।
जिला अस्पताल स्थित एल-2 कोविड अस्पताल में पीएम केयर्स फंड से 1500 एलपीएम क्षमता वाले आक्सीजन प्लांट का निर्माण हो हो रहा है। इससे हर मिनट 1500 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा।
यानि घंटे भर में 90 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन गैस मिलेगी। वहीं सीएचसी काजीदेवर में वेव ग्रुप/धनौरा शुगर मिल की ओर से 350 एलपीएम क्षमता वाले आक्सीजन प्लांट से 350 लीटर प्रति मिनट यानि 21 मीट्रिक टन आक्सीजन की उपलब्धता हो जाएगी।
कोविड एल-2 हॉस्पिटल व काजीदेवर सीएचसी पर आक्सीजन प्लांट के निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जिले में 10 और ऑक्सीजन प्लांटों के निर्माण कार्य शुरू होंगे।
जिले में आक्सीजन की जरूरत वाले मरीजों की संख्या कम हुई है। जिससे जिला अस्पताल में आक्सीजन की कोई कमी नहीं है। नए आक्सीजन प्लांटों के लग जाने से भविष्य में जिले में आक्सीजन की कमी नहीं होगी। आक्सीजन स्पोर्ट पर एक मरीज को करीब 10 लीटर आक्सीजन हर मिनट पर आवश्यकता होती है।
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