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मानसून की पहली बरसात में सराबोर हुआ नगर, गलियों में भरा पानी

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गोंडा। दो सप्ताह पहले दस्तक देकर मानसूनी बारिश ने रविवार को सब कुछ सराबोर कर दिया। बरसात होने के कारण किसानों ने खेती की रफ्तार पकड़ ली। किसानों ने धान के बेड़न डालते नजर आए और कुछ किसानों ने तो रोपाई भी शुरू कर दी।
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लेकिन शहरी इलाकों में बरसात के कारण लोगों का चलना दूभर हो गया। गोंडा नगर पालिका की लापरवाही ने नालों की सफाई नहीं हो पाई और गलियों व मोहल्लों में बारिश का पानी लबालब भर गया।
जैसा कि मौसम विभाग ने मानसून के पहले आने की संभावना जताई थी। रविवार की सुबह चार बजे से ही बारिश शुरू हो गई जो दोपहर दो बजे तक जारी रहा। रिमझिम बारिश से नगर के आवास विकास कालोनी, मालवीयनगर, जानकीनगर सहित कई मोहल्लों में जलभराव हो गया।
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आवास विकास दूसरे फेज में बारिश के साथ जमा कूड़े भी तैरने लगे। जानकीनगर में भी गलियों में जलभराव हो गया। शहर के मध्य से गुजरी लखनऊ गोंडा फोर लेन पर टामसन इंटर कालेज सिंचाई विभाग के सामने जलभराव हो गया। सिंचाई विभाग में ही सड़कों के जर्जर होने तथा गड्ढा होने के कारण यहां भी जलभराव हो गया। फोर लेन के दूसरे छोर पर जलनिकासी न होने के कारण जलभराव हो गया।
जानकीनगर कालोनी में कुंवर टाकीज के बगल पहले से एक खाली जगह में अस्पताली कचरा गिरने से महामारी का कुंड बना हुआ है। यहां सहारा हास्पिटल का रसायन युक्त पानी आवासीय कालोनी के मध्य खाली जमीन में खुलेआम गिराया जा रहा है।
आज बरसात होते ही इस महामारी कुंड का अस्पताली कचरा मोहल्ले में तैरने लगा। इस अस्पताल के कचरे की शिकायत मोहल्लेवासियों ने कई बार अस्पताल प्रशासन से की लेकिन सीएमओ व जिम्मेदार अधिकारी इसे देखने तक नहीं गए।
इस मोहल्ले के लोगों ने जिला प्रशासन ने मांग की है कि इस कोरोना काल में कोई बड़ी महामारी न फैले अस्पताली कचरा के निस्तारण की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही अस्पताल का रसायन युक्त पानी तत्काल रोके जाने की मांग की है।
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