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मनरेगा की 60 हजार परियोजनाओं के काम अधूरे

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गोंडा में बेलसर के पूरेडाल गांव में अधूरा पड़ा शौचालय। - फोटो : GONDA
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गोंडा। मनरेगा से 65 हजार परियोजनाएं 1054 पंचायतों में चल रही हैं। जिसमें पांच हजार परियोजनाएं ही पूरी हो पाई हैं। मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने 16 खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी दी है कि परियोजनाओं पर तेजी से कार्य कराएं। समय से कार्य पूरे हों और प्रवासी श्रमिकों को प्राथमिकता से कार्य दें। अभी तक 33 हजार प्रवासी श्रमिकों व 32 हजार अन्य श्रमिकों को रोजगार दिया गया है और श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। जिससे श्रमिकों को पलायन न होने पाए। उन्हें गांवों में ही रोजगार मुहैय्या कराएं। इसमें लापरवाही पर चेतावनी दी गई है।
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कोरोना संकट के दौरान दूसरे प्रदेशों से जिले में आए श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विकास महकमे में बड़े स्तर पर कार्य किए। 65 हजार परियोजनाएं पंचायतों में शुरू हुईं। बारिश के कारण कुछ परियोजनाएं प्रभावित हुईं लेकिन पांच हजार से अधिक परियोजनाएं पूरी की गई हैं। मनरेगा के तहत श्रमिकों को 85 करोड़ 33 लाख रुपये के करीब का भुगतान किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा योजना के तहत माह अप्रैल से अब तक 42 लाख 45 हजार 242 मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है। जिसमें जिले के 32561 प्रवासी श्रमिक परिवारों को रोजगार मिला है, इसके साथ ही 20 हजार के करीब और श्रमिकों को रोजगार देने पर जोर दिया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष में मनरेगा योजनांतर्गत 8532.9 लाख रुपये का व्यय श्रमिकों के भुगतान में किया गया है। मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना वैश्विक महामारी के बीच मनरेगा योजनान्तर्गत जिले में विभिन्न विकास कार्यों का कराया जा रहा है तथा इस दौरान प्रवासी श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराकर बेरोजगारी दूर करने में नया आयाम स्थापित किया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने जनपद को वापस लौटे। ऐसी स्थिति में उनके सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया था। शासन द्वारा प्रवासी श्रमिकों की इस समस्या का निदान करने हेतु निर्देश दिए गए।
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इन परियोजनाओं पर होने हैं काम
मनरेगा के तहत पंचायतों में कई कार्य शुरू कराए गए हैं। जिसमें शौचालय एवं सोकपिट निर्माण के 11597 कार्य, पशुशेड एवं मुर्गी शेड के 9319 कार्य, जल संरक्षण के 2176, वाटरशेड प्रबंधन के 1025, सिचांई के 4888, तालाब जीर्णोद्धार के 1760, पौधरोपण के 5374, भूमि सुधार के 5944, समतलीकरण के 2091, आवास के 4997, मत्स्य पालन के 180, कृषि विभाग 13, समूह कार्य 05, सड़क, सीसी रोड़ व खड़ंजा निर्माण के 4926, खेल मैदान आदि के 378, आपदा प्रबंधन से संबंधित 2415 कार्य, आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के 889, पुराने कार्य 1204 सहित कुल 60398 कार्य शुरू कराए गए। इसमें पांच हजार परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कार्य पूरे कराए जा रहे हैं।
पूरे कराए जा रहे अधूरे कार्य
मनरेगा से प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य शुरू किए गए हैं। जिन परियोजनाओं के काम अधूरे हैं उन्हें तेजी से पूरे कराया जा रहा है। लापरवाही पर कार्रवाई की जा रही है।
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- शशांक त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी
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