पूजा के लिए फल खरीदतीं महिलाएं
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पूर्वांचल का महापर्व डाला छठ में नहाय खाय के बाद दूसरे दिन शनिवार को खरना व्रत का समापन हुआ। दिन भर निराजली व्रत रहीं महिलाओं ने शाम को मीठे चावल खाए। डाला छठ को लेकर व्रत रखने वाली महिलाएं रविवार को पोखरों के किनारे अस्त होते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर सूर्य देवता की मनुहार करेंगी। महापर्व डाला छठ को लेकर शनिवार को बाजारों में भी खूब चहल-पहल दिखी। बाजारों में डाला छठ पर्व को लेकर लोगों ने पूजन सामग्री खरीदी। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह दिखा।
बिहार एवं पूर्वांचल के महापूजन उत्सव के दूसरे दिन व्रत रखने वाली महिलाओं एवं पुरुषों ने खरना व्रत रखा। इसमें निराजली व्रत जिसमें कोई पानी की एक बूंद तक नहीं ग्रहण की जा सकती है, रख श्रद्धालुओं ने शाम को खीर ग्रहण की।
जमीन पर ही रात गुजारने के बाद रविवार की शाम को व्रतधारी सिर पर पूजन सामग्री रखकर पोखरों के किनारे पहुंचेंगे। यहां वे अस्त होते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य से अपने परिवार की सुख समृद्धि की कामना करेंगी।
शाम को फिर घर आकर रात भर छठ मइया एवं सूर्योपासना के गीत सुनते हुए सूर्य एवं छठ मइया की मनुहार करेंगी। दूसरे दिन उगते हुए सर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन करेंगे। महापर्व डाला छठ को लेकर शनिवार को बाजारों में भी खूब चहल-पहल दिखी। बाजारों में डाला छठ पर्व को लेकर लोगों ने पूजन सामग्री खरीदी।