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401 प्रधान समेत 6092 पदों पर होगा महिलाओं का कब्जा

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गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 की प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो गई हैं। पंचायतों का परिसीमन व मतदाताओं का पुनरीक्षण पूरा हो चुका है। 1214 पंचायतों में से 1204 में प्रधान पदों के लिए चुनाव होगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत सदस्य के 15408, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 1602 तथा जिला पंचायत सदस्य के 65 पदों पर चुनाव होने हैं। इसका खाका खींच लिया गया है।
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अब आरक्षण प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुईं हैं जो इसी महीने से शुरू होनी है। फिलहाल यह तय है कि इस बार पंचायत चुनावों में महिलाओं का दबदबा रहेगा। सीटें चाहे जिस वर्ग के लिए आरक्षित होंगी, उसमें एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए पक्की रहेंगी।
इस हिसाब से 401 प्रधान पदों के साथ ही सदस्यों सहित अन्य पदो पर 6092 महिलाओं का चुना जाना तय है। अब सिर्फ आरक्षण से सीटें तय होनी हैं कि कौन सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगी।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। अब लोगों को आरक्षण सूची का इंतजार है। बताया जा रहा है कि वर्तमान में जिस वर्ग के लिए सीट आरक्षित है, वह आगामी चुनाव में उस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रहेगी। आरक्षण वरीयता क्रम में एसटी की कुल आरक्षित सीटों में से एक तिहाई एसटी महिला के लिए आरक्षित होंगी।
बाकी में महिला या पुरुष दोनों रहेंगे। एससी की 21 प्रतिशत आरक्षित सीटों में एक तिहाई सीटें इस वर्ग की महिला और बाकी बची सीटें इसी वर्ग के महिला या पुरुष दोनों के लिए होंगी। ऐसे ही ओबीसी की 27 फीसदी सीटों में तिहाई सीटें इस वर्ग की महिला के लिए आरक्षित की जाएंगी।
बाकी इस वर्ग की महिला या पुरुष दोनों के लिए अनारक्षित रहेंगी। कुल की 50 प्रतिशत सीटें अनारक्षित होंगी। मगर उनमें एक तिहाई सीटें सामान्य जाति की महिला प्रत्याशियों के लिए आरक्षित रहेंगी। पंचायत चुनाव में सीटों पर आरक्षण अवरोही क्रम में लागू होगा।
ग्राम पंचायतों की वर्ष 2011 की जनसंख्या के आंकड़े फीड करा रहे हैं। ब्लॉकों को सीधे लखनऊ से जोड़ा गया है। इस बार पंचायत चुनाव का आरक्षण लखनऊ से ही तय होगा। पंचायतों के आरक्षण सूची भी ऑनलाइन जारी होगी। घर बैठे पंचायत चुनाव के आरक्षण के बारे में पता कर सकेगा।
पंचायतों में आरक्षण लागू करने के लिए राजस्व ग्रामों की जनसंख्या का आकलन किया जा रहा है। पांच साल पहले चुनाव के समय ग्राम पंचायत की क्या स्थिति थी, वर्तमान में क्या स्थिति है, उसी आधार पर तय होगा कि उस ग्राम पंचायत की सीट किस प्रत्याशी के लिए आरक्षित होगी।
अभी आरक्षण के प्रक्रिया की तिथियां तय होनी है लेकिन प्रक्रिया पहले से ही तय है। आरक्षण चक्रानुक्रम हो या फिर नए सिरे से इस पर भी फैसला होना है। इसी महीने इसके आदेश आएंगे।
160 नई पंचायतें के गठन के बाद अब 1054 से बढ़कर पंचायतों की संख्या 1214 हो गई हैं। चुनाव सिर्फ 1204 पर ही होने हैं। इसके साथ ही पंचायतों में वार्डों के गठन की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। 1214 पंचायतों में अब वार्डों की संख्या भी 13176 से बढ़कर 15408 हो गई है।
इन वार्डों में ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव भी पंचायत चुनाव में साथ ही होंगे। इसके साथ ही क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों के पद भी बढ़ गए हैं। अब आरक्षण तय होने से कई तरह के बदलाव सामने आएंगे। 160 पंचायतों, 321 क्षेत्र पंचायत सदस्यों और 14 जिला पंचायत सदस्य सीटें नईं हैं ऐसे में इन सीटों पर पहली बार चुनाव होने हैं। लोगों की निगाहें टिकी हैं कि इन सीटों का आरक्षण किस तरह से तय होगा। नए सिरे से तय होंगी या कैसे, यह एक सवाल है।
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