इस बार जिले की ग्राम पंचायतों में महिलाओं का जलवा दिखेगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिले में ग्राम प्रधान पद के हो रहे चुनाव में महिलाओं को काफी महत्व दिया है। प्रधान पद के आरक्षण में जिले के 343 ग्राम पंचायत पदों पर महिला ग्राम प्रधान के आसीन होने का रास्ता साफ कर दिया है। महिलाओं की भागीदारी से ग्राम पंचायतों के विकास का पहिया दौड़ेगा।
जिले में कुल 1054 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद का चुनाव कराया जाना है। इसमें नए आरक्षण में 343 ग्राम पंचायतों को महिलाओं के लिए रिजर्व किया गया है। इसमें हर वर्ग की महिलाओं को पंचायत में अपनी भागीदारी निभाने का मौका मिलने वाला है।
आरक्षण के क्रम में 182 ग्राम पंचायतों में सामान्य वर्ग की महिलाओं, 99 ग्राम पंचायतों में पिछड़ा वर्ग की महिलाओं व 62 ग्राम पंचायतों में अनुसूचित जाति की महिलाओं को भागीदारी मिलेगी।
इससे इस बार क्षेत्र में ग्राम प्रधान पद के संभावित उम्मीदवारों में चुनावी मुकाबला भी काफी रोमांचक बनता जा रहा है। नये आरक्षण से ग्राम प्रधान पद की दावेदारी करने वाली संभावित महिला उम्मीदवारों की आंखों में चमक दिखाई दे रही है।
ग्राम प्रधान पद पर महिला आरक्षण की स्थिति
महिला सामान्य 182
पिछड़ा वर्ग महिला - 99
अनुसूचित जाति महिला- 62
कुल - 343
चुनाव का बजट कम करने के लिए महिला उम्मीदवार को चुनाव लड़ाना बेहतर है। पंचायत चुनाव में किसी भी पद पर महिला उम्मीदवार के आवेदन करने पर उसे निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित की गई कुल जमानत राशि की आधी रकम जमा करनी होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों में महिलाओं की अधिक भागीदारी के लिए उन्हें चुनाव लड़ने के दौरान ली जाने वाली जमानत की राशि में छूट दे रखी है। ऐसे में अब तक महिलाओं को चुनाव से दूर रखने वाले अब अपने घर की महिलाओं को चुनाव लड़ाने के लिए आगे आने लगे हैं।