साढ़े तीन घंटे घेराव के बाद सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। बिजली की अघोषित कटौती को लेकर आवास विकास की महिलाओं ने विद्युत उपकेंद्र का घेराव किया। इस दौरान महिलाओं ने रेलवे व आवास विकास कॉलोनी की बिजली शट डाउन कर दी।
महिलाओं को आक्रोशित देख बिजली कर्मचारी भाग गए। महिला संगठन की मुखिया किसलय तिवारी ने कहा कि एक माह पहले बिजली की अघोषित कटौती को लेकर अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा गया था लेकिन इस ओर ध्यान न देकर कटौती और बढ़ा दी गई।
शहर में बिजली कटौती सुबह 11 से शाम चार, शाम आठ से 11 और और रात में दो से सुबह छह बजे तक होने लगी है। ममता भाटिया ने कहा कि सुबह विद्युत कटौती होने से बच्चों को स्कूल भेजने व खाना पकाने में काफी दिक्कतें होती हैं। विद्युत कटौती में सुधार नहीं हुआ तो महिलाएं जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।
मांडवी श्रीवास्तव ने कहा कि रात में नौ से 11 बिजली कटने से कॉलोनी वासियों को खाना बनाने में दिक्कतें होती हैं।
विद्युत उपकेंद्र के घेराव की सूचना पर नगर कोतवाल शिवपति सिंह व महिला थाने की पुलिस पहुंची।
उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी को जानकारी दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने महिलाओं की समस्यायें सुनीं। उन्होंने विद्युत कटौती में सुधार का निर्देश एसडीओ को दिया। तब 11:30 बजे महिलाओं का घेराव खत्म हुआ।