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महिलाओं ने सीएमएस को घेरा

Sat, 25 Jul 2015 11:43 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
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जिला अस्पताल में आने वाले सौ मर्ज के मरीजों को सिर्फ एक ही दवा देकर टरका दिया जाता है, फिर चाहे उसे कैसी ही बीमारी क्यों न हो। शनिवार को इसी के विरोध में आवास विकास मोहल्ले की दर्जनों महिलाओं ने सीएमएस का उनके दफ्तर में घेराव कर नारेबाजी की।
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महिलाओं का आरोप था कि जिला अस्पताल में चाहे जिस मर्ज का मरीज अपना इलाज कराने जाए, उसे लाल-नीली-पीली गोलियां देकर टरका दिया जाता है। साथ ही अस्पताल में जगह-जगह फैली गंदगी को लेकर भी महिलाओं ने आक्रोश व्यक्त किया।

आवास विकास मोहल्ले की दर्जनों महिलाएं महिला संगठन की नेत्री किसलय तिवारी की अगुवाई में जिला अस्पताल पहुंचीं। इन महिलाओं ने सीएमएस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यहां मरीजों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया।
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महिलाओं का कहना था कि अस्पताल में चाहे जिस भी मर्ज का मरीज अपना इलाज कराने आए, यहां के डॉक्टर उसे एक ही दवा लिखकर चलता कर देते हैं। जिसके लिए उन्होंने कई ऐसी पर्चियां भी उदाहरण के तौर पर सीएमएस डॉ. आशुतोष गुप्ता को दिखाईं, जिसमें मरीजों को बीमारी तो अलग-अलग थी, लेकिन लिखी गईं दवाईयां एक थीं।

यही नहीं महिलाओं ने अस्पताल की गंदगी पर भी तंज कसे और इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहाराया महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों का रवैया मरीजों के प्रति ठीक नहीं हुआ तो इसे लेकर वह आंदोलन को बाध्य होंगी।

इस मौके पर सीएमएस का उनके कार्यालय पर महिलाओं ने घेराव भी किया। इसमें संध्या यादव, पूनम मिश्र, ऊषा सिंह, सीता वर्मा, ममता भाटिया, रश्मि पाण्डेय, प्रीती मिश्रा, ज्योति, बृजकुंवरि, दयावंती, इंद्रदेवी, आरती वर्मा, सुधा, जनकदुलारी, शालिनी, रेखा, सुनीता आदि मौजूद रहीं।

वहीं, सीएमएस डॉ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि महिलाएं जिस शिकायत के बाबत उनसे मिलने आई थीं, उसका निस्तारण उनके सामने ही कर दिया गया। उनका कहना था कि हर मर्ज की एक ही दवा क्यों। जिस पर उन्हें अस्पताल से दी जाने वाली दवाओं और उनकी खासियतों के बारे में बताया गया। ऐसा नहीं है कि हर मरीज को एक ही दवा दी जाती है। उनकी बीमारी को देखते हुए ही उन्हें दवाएं मुहैया कराई जाती हैं जो उन्हें चाहिए होती हैं।
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