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हत्या में पूछताछ के बाद महिला ने खाया जहर, मौत

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गोंडा। धनौली गांव में पांच दिन पहले महबूब अली की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारे ने शव को गांव के समीप एक तालाब में फेंक दिया। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने महबूब के मोबाइल नंबर की डिटले निकाली तो उसके गांव की रहने वाली एक महिला की महबूब से एक घंटे तक लगातार बातचीत की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस महिला को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया। सोमवार की सुबह महिला ने जहर खाकर जान देे दी। मृतक महिला के पति ने पुलिस पर उसकी पत्नी प्रताड़ित व मारने-पीटने का आरोप लगाते हुए मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पति ने कोतवाली में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है।
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कोतवाली नगर क्षेत्र के धनौली गांव के रहने वाले महबूब अली को 26 जुलाई की शाम कुछ लोग घर से बुला ले गए थे। मगर वह देर शाम तक घर नहीं लौटा। मामले में दूसरे दिन महबूब के छोटे शमशेर अली ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तफ्तीश के दौरान महबूब के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाली तो पता चला कि उसके गांव की रहने वाली सज्जो पत्नी अब्दुल करीम ने उससे मोबाइल फोन पर बात की थी। इसी मामले में पुलिस ने सज्जो को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया।
सज्जो के पति अब्दुल करीम का आरोप है कि कोतवाली पुलिस उसकी पत्नी को पूछताछ के लिए कई दिनों से बुलाती थी, वह पत्नी को संग लेकर कोतवाली जाता था तो उसकी पत्नी से पुलिस वाले बंद कमरे में पूछताछ करते थे और उससे कहते थे कि दो घंटे तक पूछताछ होगी, इसके बाद आना। अब्दुल करीम का का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस वालों ने उसकी पत्नी को मारापीटा। आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर उसकी पत्नी ने सोमवार की सुबह घर पर जहर खा लिया। उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां सज्जो की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब्दुल करीम ने कोतवाली नगर में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर दी है।
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पुलिस के सामने सगी बहनें बोलीं, सज्जो का आरोप झूठा
धनौली गांव की रहने वाली सज्जो ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि 25 जुलाई को उसके घर के सामने की रहने वाली सगी बहनों ने उससे कॉल करने के लिए उसका मोबाइल मांगा था। सगी बहनों ने ही महबूब से बात की थी। पुलिस ने जब सगी बहनों को पूछताछ के लिए बुलाया तो दोनों ने महबूब को काल करने से इनकार कर दिया। यही नहीं बताया कि उन दोनों ने सज्जो से मोबाइल फोन भी नही मांगा था। सज्जो उन पर झूठा आरोप लगा रही है।
हत्या से पहले महबूब से मोबाइल पर एक घंटे तक की थी बात
धनौली गांव के रहने वाले महबूब अली को 26 जुलाई की शाम कुछ लोग घर से बुला ले गए थे। इससे एक दिन पहले 25 जुलाई की शाम 4-5 बजे के बीच सज्जो ने लगातार एक घंटे तक महबूब अली से बात की थी। इसके दूसरे दिन ही महबूब लापता हो गया और 30 जुुलाई को उसका शव गांव के समीप तालाब में मिलने के बाद जब पुलिस ने महबूब के मोबाइल फोन को टेक्निकल सर्विलांस पर लिया तो कॉल डिटेल में अन्य लोगों के साथ ही सबसे अधिक समय तक यानि एक घंटे तक सज्जो की महबूब से बातचीत की पुष्टि हुई।
जांच में दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई
धनौली गांव के महबूब अली की हत्या की तफ्तीश के दौरान महबूब के मोबाइल का कॉल डिटेल निकाला गया तो पता चला कि उसके गांव की रहने वाली सज्जो ने हत्या से एक दिन पहले उससे एक घंटे तक बातचीत की थी। इसलिए सज्जो को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया गया था। सज्जो पति ने कोतवाली पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। जिसकी जांच की जा रही है। जांच में अगर कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। -महेन्द्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक गोंडा।
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