नवाबगंज ब्लॉक की तुलसीपुर माझा व लिदेहना ग्रंट ग्राम पंचायत में क्षेत्र पंचायत निधि से स्वीकृत 13 परियोजनाओं का काम कराए बिना ही बीडीओ व लिपिक ने 26 लाख रुपये का भुगतान कर डाला। इसके लिए न तो दस्तावेजों की जांच की गई और न ही कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। सांसद की शिकायत पर जब डीएम ने इसकी जांच कराई तो मामले का खुलासा हुआ। डीएम ने बीडीओ व लिपिक से धनराशि की रिकवरी के निर्देश दिए हैं। इस पूरे मामले की जांच जिला विकास अधिकारी को सौंपी है।
नवाबगंज ब्लॉक में मनरेगा योजना के तहत क्षेत्र पंचायत निधि से कराए जाने वाले कार्यों में गड़बड़ी व अनियमित भुगतान को लेकर जिला सतर्कता समिति की बैठक में अध्यक्ष व कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने जिलाधिकारी से इस मामले की जांच की मांग उठाई थी। सांसद ने बीडीओ पर करीब 68 लाख रुपये का अनियमित भुगतान करने का आरोप लगाया था।
मामले की जानकारी के लिए सांसद व जिलाधिकारी करीब एक घंटे तक नवाबगंज के बीडीओ कर्ताराम यादव का इंतजार करते रहे, लेकिन कई बार बुलाने के बावजूद वे बैठक में नहीं आए थे। सांसद की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने बीते दिनों ब्लॉक का औचक निरीक्षण कर आरोपों की जांच की थी। डीएम आशुतोष निरंजन ने जांच में पाया कि तुलसीपुर माझा व लिदेहना ग्रंट गांव में विकास कार्यों के लिए क्षेत्र पंचायत से स्वीकृत कराई गई 13 परियोजनाओं पर काम नहीं कराया गया।
बीडीओ ने दिखाए गए कार्यों का स्थलीय सत्यापन भी नहीं किया और लिपिक की मिलीभगत से इन योजनाओं के लिए स्वीकृत धनराशि का भुगतान कर दिया। डीएम की जांच में करीब 26 लाख रुपये के अनियमित भुगतान का खुलासा हुआ है। डीएम ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे प्रकरण की जांच जिला विकास अधिकारी अनिल कुमार को सौंपी है। धांधली में शामिल बीडीओ व लिपिक से धनराशि वसूली के निर्देश भी दिए हैं।
मनरेगा योजना में धांधली थमने का नाम नहीं ले रही है। इस योजना के तहत काम करने वाले असली मजदूर मजदूरी के लिए भटक रहे हैं और फर्जी लोग अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर भुगतान ले रहे हैं। नवाबगंज के तुलसीपुर माझा गांव के ग्राम प्रधान श्रीपत यादव ने भी पिछले माह ब्लॉक में कार्यरत लिपिक पर फर्जी वर्क आईडी जेनरेट कराकर 37.85 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया था। इस मामले में ग्राम प्रधान ने नवाबगंज थाने में तीन लोगों के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।