कंजेमऊ आंगनबाड़ी केंद्र पर 2.64 लाख रुपये के बाल पोषाहार के गबन के मामले में दो मुख्य सेविकाओं समेत तीन लोग फंस गए हैं। इस मामले में अदालत के आदेश पर कोतवाली करनैलगंज में दो मुख्य सेविकाओं समेत तीन लोगों के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के लालेमऊ गांव निवासी लाल कुमार सिंह ने अदालत के आदेश पर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि करनैलगंज ब्लॉक के कंजेमऊ की रहने वाली ममता सिंह पत्नी राहुल सिंह की नियुक्ति केंद्र संख्या तृतीय पर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री के पद पर संविदा में हुई थी।
लाल कुमार का आरोप है कि बाल विकास परियोजना अधिकारी करनैलगंज ने दो लाख 64 हजार 763 रुपये का बाल पोषाहार केंद्र संख्या तृतीय के लाभार्थियों को वितरण के लिए दिया था। मगर केंद्र संख्या तृतीय की कार्यकर्त्री ममता सिंह ने लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण न कर उसका गबन कर लिया। लाल कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने जन सूचना अधिकार के तहत बाल विकास परियोजना अधिकारी करनैलगंज से जब वितरण की सूचना मांगी तो उन्होंने वितरण संबंधी अभिलेख के गुम होने की बात बताते हुए उसकी कूटरचित एफआईआर की कॉपी उन्हें थमा दी।
लाल कुमार सिंह के मुताबिक उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक से एफआईआर के संबंध में जनसूचना मांगी तो कोतवाल करनैलगंज ने एफआईआर दर्ज न होने की सूचना दी। लाल कुमार सिंह का आरोप है कि पोषाहार गबन को छिपाने के लिए फर्जी रजिस्टर तैयार करके फर्जी वितरण दर्शाय,ा उसे नियमानुसार दिखाने का प्रयास किया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी की जांच में ममता सिंह ने जो फर्जी लाभार्थियों के नाम दर्ज किए थे, वह केंद्र संख्या द्वितीय सुनीता मौर्या के क्षेत्र के पाए गए।
लाल कुमार सिंह का आरोप है कि तत्कालीन मुख्य सेविका से साठगांठ कर पोषाहार का गबन किया गया है। इस मामले में लाल कुमार सिंह ने कोतवाली करनैलगंज में कार्यकर्त्री ममता सिंह, मुख्य सेविका सुषमा वर्मा व कमलेश दीक्षित के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाल करनैलगंज फणींद्र सिंह यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।