गोंडा। जिला अब खेल प्रतिभाओें को निखारने का हब बनता जा रहा है। नेहरू स्टेडियम में भले ही खेल सुविधाएं न बढ़ीं हों लेकिन वहां पूरे साल खेल आयोजनों की धूम रही। प्रदेश स्तरीय तीन आयोजन हुए तो स्थानीय खेल प्रतियोगिताएं सिलसिलेवार हुईं। इससे इतर नवाबगंज का नंदिनीनगर खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं के लिए एक अहम केंद्र बन चुका है। अभी तक वहां कुश्ती का प्रशिक्षण केंद्र था, लेकिन अब वहां अंतरराष्ट्रीय मानक का तरणताल और शूटिंग रेंज स्थल की स्थापना भी हो गई है। अखिल भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह की पहल पर कई खेल संसाधन धरातल पर दिख रहा है। इसके अलावा विश्नोहरपुर में खेल विभाग की ओर से 5 करोड़ की लागत से इंडोर स्टेडियम की आधारशिला रखी गई हैं। वहीं मुख्य विकास अधिकारी आशीष कुमार ने 52 करोड़ की लागत से 1054 गांवों में खेल मैदान विकसित करने की पहल की है। इसके लिए भूमि का चिन्हांकन हो चुका है। खेल की दिशा में जिले की प्रगति पर पेश है रिपोर्ट-
राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता की रही धूम
क्षेत्रीय खेल कार्यालय जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय कबड्डी बालिका प्रतियोगिता का आयोजन उत्तर प्रदेश कबड्डी संघ व निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। प्रतियोगिता में वाराणसी, मुरादाबाद, झांसी, अयोध्या, सहारनपुर, लखनऊ, कानपुर, आगरा गोरखपुर, चित्रकूट, मेरठ, आजमगढ़ विंध्याचल व देवी पाटन मंडल की टीमें प्रतिभाग रहीं। राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मैच वाराणसी व सहारनपुर के मध्य खेला गया जिसमें वाराणसी टीम विजेता रही। जिले के खिलाड़ियों में इस आयोजन से उत्साह दिखा।
राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता की रही रौनक
पंडित दीनदयाल सीनियर पुरुष महिला राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन भी नवंबर 2019 में हुआ। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम गोंडा में दिनांक 4 से 6 नवंबर को बैडमिंटन हाल प्रदेश स्तर के खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया। प्रदेश स्तर के खिलाडियों के साथ जिले के बैडमिंटन खिलाड़ियों ने अपना प्रदर्शन किया। इससे खेल की दिशा में एक नई पहल हुई।
स्टेडियम पर नन्हे-मुन्नोें की प्रतिभा भी खिली
नेहरू स्टेडियम पर बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा के वार्षिक खेल प्रतियोगिता का आयोजन भी रहा। जिले के 16 ब्लॉकों से खेल प्रतिभागियों ने यहां अपनी प्रतिभा दिखाई और मंडल स्तरीय खेल में सम्मान हासिल किया। मुजेहना ब्लॉक ओवरआल चैंपियन रहा और माध्यमिक शिक्षा के खेल प्रतियोगिताओं में भी प्रतिभाएं चमकीं। बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नगर के नेहरू स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय 67वां जनपदीय एथलेटिक्स एवं सांस्कृतिक समारोह रंगारंग कार्यक्रम हुआ।
ताइक्वांडो के खिलाड़ियों के प्रतिभा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूम
ताइक्वांडो एसोसिएशन ने मंच दिया तो जिले के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान कायम की। दीपांकुर सिंह जो एसजीएफआई गेम में स्वर्ण पदक जीतकर आगामी अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता चाइना में खेलने के लिए चुने गए हैं। दीक्षा सिंह ताइक्वांडो महासंघ कोरिया से ब्लैक बेल्ट प्राप्त खिलाड़ी ने दर्जनों राज्य स्तरीय व कई राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में पदक अर्जित करने के साथ-साथ इस वर्ष राष्ट्रीय ताइक्वांडो सीबीएसई प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अर्जित की। कुणाल तिवारी कक्षा 7 का छात्र महाजी सी उम्र में ब्लैक बेल्ट की उपाधि प्राप्त किया। श्रद्धा ने भी ब्लैक बेल्ट उपाधि प्राप्त कर चुकी हैं। साथ ही साथ कई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक अर्जित कर अपना लोहा मनवाया ये बालिकाओं को भी आत्मरक्षा के लिए प्रेरित कर रहीं।
परिषदीय स्कूलों में पहली बार खेल के लिए बजट
जिले के परिषदीय स्कूलों में आयोजन तो होते थे, लेकिन बजट न होने से खेल सामग्रियों का अभाव था। विभाग ने पहली बार सभी 3139 स्क्ूलों को खेल के लिए बजट जारी किया। करीब दो करोड़ से स्कूलों में खेल के लिए सामग्री की खरीद हुई और आयोजनों के मैदान की व्यवस्था की गई। खेल के लिए आयोजन भी स्कूल स्तर के बाद 166 न्याय पंचायतों और फिर 16 ब्लॉक स्तरीय खेल के आयोजन हुए। दिव्यांग बच्चों के बीच भी खेल की प्रतियोगिताएं हुईं। जिसमें प्रतिभाओं को चिन्हित किया गया। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में बेटियों के बीच भी खेल प्रतियोगिताएं हुईं।
पहली बार जिले में दिव्यांग खिलाड़ियों ने खेले क्रिकेट
जिले के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ जब दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों ने अपना दम दिखाया। नन्दिनी नगर में नेशनल स्तर की दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता तीन दिनों तक चली। जिसमें कई प्रदेशों से खिलाड़ियों ने अपने खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इससे स्थानीय खिलाड़ियों में काफी उत्साह रहा और लोगों ने भी इस आयोजन को सराहा। मेजबान उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान व बड़ौदा की टीमों ने प्रतिभाग किया। इसमें राजस्थान की टीम ने मेजबान यूपी की टीम को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।
खेल प्रतिभाओं को गढ़ने में जुटे हैं कई विशेषज्ञ
खेल प्रतिभाओं को गढ़ने और उन्हें आगे ले जाने के लिए जिले कई विशेषज्ञ हैं जो पहल करते हैं। बेसिक शिक्षा में जिला खेल शिक्षक संजय सिंह के साथ ही बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रियंका सिंह को जिला महिला खेल शिक्षिका नामित किया गया। जिन्हाेंने प्रदेश स्तर पर बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए पहल किया। इसके अलावा ताइक्वांडो के विशेषज्ञ प्रत्यूष राज ने कई प्रशिक्षण आयोजन किए और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का कार्य किया। इसके साथ ही बालीवाल को आगे ले जाने के लिए परसपुर के शिक्षक राजन सिंह ने नई पहल की है। उन्होंने प्रदेश स्तर तक खेल आयोजन में प्रतिभाग किया। अनुदेशक अजय प्रताप सिंह ने तरणताल प्रतियोगिता में बेटियों को प्रशिक्षित किया।