जिले में राजकीय जिला पुस्तकालय के अतिरिक्त डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। इससे यहां राजकीय लाइब्रेरी पर बोझ कम होगा। वहीं, पुस्तकालय में एक क्लिक पर पुस्तकें मुहैया होंगी। इससे रखरखाव समेत तमाम तरह से खर्च कम हो जाएंगे। डिजिटल माध्यम से पुस्तकें उपलब्ध की जाएंगी। इसके निर्माण के लिए एक हजार वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होगी। शासन के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्थानीय स्तर पर जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
राजकीय पुस्तकालय के बगल डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा सकती है। मंडल के सभी जिलों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। गोंडा में पहली डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित होने से छात्रों, युवाओं और अन्य लोगों को फायदा होगा। उन्हें कम सदस्यता शुल्क में अच्छी किताबें मुहैया होंगी।
राजकीय लाइब्रेरी में सदस्यता फुल
राजकीय जिला पुस्तकालय में 25 सौ से अधिक लोग सदस्यता ले चुके हैं। पंजीकरण के बाद लोगों को बैठने के साथ पुस्तकों के मिलने में दिक्कतें हो रही हैं। किताबों के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में पुस्तकालय की ओर से सदस्य पंजीकरण बंद कर दिया गया है। मगर डिजिटल लाइब्रेरी बनने के बाद गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती जनपद के लोगों को सहूलियत मिलेगी।
मंडल की पहली डिजिटल लाइब्रेरी
राजकीय इंटर कॉलेज के पास डिजिटल लाइब्रेरी बनाने के लिए जमीन चिह्नित की गई है। कंम्प्यूटर लगाए जाएंगे। शासन की मंशा के अनुरूप पर्याप्त जमीन के लिए सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही जिले में पहली डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी।
- राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक