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Gonda News: मां-बाप से बढ़कर हमारा कोई हितैषी नहीं

Fri, 09 Oct 2026 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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नारी ज्ञानस्थली महाविद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन के पुलिस पाठशाला में डीआईजी अशोक कुमार शुक्ल
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गोंडा। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को पुलिस की पाठशाला का आयोजन हुआ। डीआईजी अशोक कुमार शुक्ल ने छात्राओं को जागरूक करते हुए साइबर अपराध से बचाव के टिप्स दिए। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर पुलिस से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपके मां-बाप और भाई से बढ़कर दुनिया में कोई हितैषी नहीं हो सकता। जब पति भी साथ छोड़ देता है, तब पिता व भाई ही साथ लेकर कचहरी पहुंचते हैं। उन्होंने लड़कियों से शालीन वेशभूषा में रहने की अपील करते हुए कहा कि फूहड़पन के अंधे दौड़ में शामिल न हों। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. आरती सिन्हा, आनंदिता रजत, रंजना बंधु, हरप्रीत कौर, नीलम छाबड़ा सहित अन्य मौजूद रहीं। (संवाद)
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पुलिस आपकी मित्र, खुलकर कहें बात
किसी अंजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। अपनी निजी जानकारी, मोबाइल नंबर व घर का पता साझा करने में सावधानी बरतें।
अपनी निजी तस्वीरें, लाइव लोकेशन और व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न करें। अंजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
किसी भी घटना की जानकारी परिवार, शिक्षक या पुलिस को दें। शिकायत करने में संकोच न करें और उपलब्ध साक्ष्य सुरक्षित रखें।
अंजान लिंक पर क्लिक न करें। ओटीपी, पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर फ्राॅड होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
असुरक्षित महसूस होने या आपात स्थिति में यूपी 112 पर कॉल करें। महिला उत्पीड़न संबंधी शिकायत के लिए महिला पावर लाइन 1090 का भी उपयोग करें।
सोशल मीडिया पर पॉजिटिव और निगेटिव दोनों प्रकार की सामग्रियों की भरमार है। हम सोच-समझकर उसका इस्तेमाल करें।
सवाल-जवाब
सवाल : समाज में बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश कैसे लगाया जा सकता है? - आस्था श्रीवास्तव
जवाब : इसके लिए अपराध को अंजाम देने वालों को हतोत्साहित करने की जरूरत है। पुलिस, प्रशासन और समाज के समेकित प्रयास से इस पर नियंत्रण संभव है।
सवाल : घरेलू हिंसा की संभावना के बीच कोई खुद को कैसे सुरक्षित रख सकता है? - खुशी पांडेय
जवाब : ज्यादातर मां-बाप अच्छे होते हैं लेकिन अपवाद स्वरूप यदि कहीं ऐसी स्थिति बनती है तो पीड़िता को सबसे पहले अपने शिक्षक को मामला बताना चाहिए।
सवाल : मेरे परिजन के खाते में एक दिन कहीं से कुछ पैसे ऑनलाइन आ गए। बाद में उसी खाते से छह लाख रुपये निकल गए। पैसा वापस मिलने की कितनी संभावना है? - श्रद्धा
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जवाब : यह विशुद्ध रूप से साइबर फ्राॅड का मामला है। ऐसे मामलों में तुरंत 1930 पर सूचना दें, जिससे रकम को खाते में होल्ड कराया जा सके।
सवाल : यदि कॉलेज आते-जाते समय कोई लड़का किसी लड़की से छेड़छाड़ करता हो और उसके पास फोन भी न हो तो वह क्या करे? - उजाला
जवाबः तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या थाने पर सूचना दें। वहां महिला हेल्प डेस्क से मदद की जाएगी। पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी।
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