गोंडा। जाम, दो अक्षर से बना यह शब्द छोटा भले हो, लेकिन कष्ट बहुत देता है। जाम तब और पीड़ादायक हो जाता है जब किसी गंभीर मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस फंस जाती है या किसी बीमार को अस्पताल ले जाते समय अनावश्यक रुकना पड़ता है।
बच्चों को स्कूल जाने व ऑफिस-दफ्तर समय से पहुंचने के लिए भी लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ती है। जाम की समस्या नासूर हो गई है। शहर में हर चौक चौराहे पर जाम लग जाता है। इसके कारण और निवारण हम ही हैं। वह चाहें सड़क पर वाहन खड़ा करने की बात हो या फिर अतिक्रमण की।
जिले में शहर से लेकर ग्रामीण सड़कों पर भी जाम लग जाता है। पटरी तक अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों को अन्य लोगों की फिक्र नहीं रहती।
राहगीरों में जाम को लेकर कभी-कभी विवाद भी हो जाता है। इसके बाद भी जिम्मेदार जमा की समस्या से निजात दिलाने को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे।
जाम से छुटकारा दिलाने के लिए अमर उजाला ने पहल शुरू की। विभिन्न मार्गों पर लगने वाले जाम को उजागर किया। प्रमुख स्थानों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके निवारण को लेकर भी मुद्दा उठाया गया। सोमवार को समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की राय ली गई।
डॉ. महमूद आलम के अनुसार शहर में जाम की प्रमुख समस्या सिर्फ अतिक्रमण ही नहीं है। लोग नियमों का पालन करें तो भी यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। साथ ही फ्लाईओवर भी बनाए जाने चाहिए। सभी लोग खुद में सुधार कर लें तो ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी।
अध्यक्ष बार एसोसिएशन गोंडा संगमलाल द्विवेदी के अनुसार पटरी पर दुकान लगाने वालों व ठेला वालों को व्यवस्थित कर दिया जाए तो जाम समस्या दूर होगी। ठेले वालों को स्थायी रूप से खड़े न होकर चलकर सामग्री बेचने के लिए जागरूक किया जाए। अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए और औचक निरीक्षण कराकर कार्रवाई की जाए।
व्यापारी नेता आदित्य पाल के अनुसार शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम अक्सर बड़े वाहनों के गुजरने से लगता है। रिंगरोड नहीं बनाई गई और बस स्टॉप को शहर से बाहर स्थापित करने का प्रस्ताव भी अटका हुआ है। इस पर अगर काम हो जाए तो जाम की समस्या खत्म हो सकती है। स्कूल प्रबंधकों से बात करके छुट्टी की टाइमिंग पर भी बात होनी चाहिए। रही बात पटरी तक दुकान लगाने की तो व्यापारियों को जागरूक करने के लिए वह सहयोग देने को तैयार हैं।
एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय के अनुसार, जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। पटरी दुकानदारों को भी जागरूक किया गया है। इसके बाद भी अगर कोई अवैध तरीके से सड़क तक दुकान लगाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।