पहाड़ों पर सोमवार की रात भारी बारिश के चलते खरझार पहाड़ी नाले में उफान आ गया। पहाड़ी नाले की बाढ़ से ललिया-महराजगंज मार्ग पर कई घंटे तक आवागमन ठप रहा। कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया। पानी भरने से खेतों में धान की फसल भी बर्बाद हो गई।
तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम लैबुड्डी निवासी राजेंद्र कुमार वर्मा, अनिल कुमार, सुल्लन, मोहम्मद उमर, सगीर, शफीक, मजीद व कल्लू आदि ने बताया कि सोमवार की रात पहाड़ों पर भारी बारिश से खरझार नाले में बाढ़ आ गई, जिसके चलते ललिया-महराजगंज मार्ग पर करीब पांच घंटे तक मंगलवार को आवागमन ठप रहा।
खरझार नाले के करीब बसे लैबुड़वा, लैबुड्डी, बनकटवा सहित एक दर्जन गांवों में खरझार नाले के बाढ़ का पानी भर गया। इन गांवों के किसानों की खेतों में लगी धान व मक्के की फसलें डूब गईं।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि खरझार पहाड़ी नाले के पुल व एप्रोच एवं ललिया-महराजगंज मार्ग की मरम्मत न होने से पहाड़ी नाले की बाढ़ का पानी गांवों में भर जाता है। इन लोगों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर पुल, एप्रोच व मार्ग की मरम्मत कराने तथा खरझार नाले के बाढ़ से हुई धान व अन्य फसलों के बर्बादी का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
जिला आपदा अधिकारी व एडीएम शिवपूजन ने बताया कि मौके पर जांच के लिए एसडीएम तुलसीपुर एसके त्रिपाठी को निर्देश दिया गया है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।