फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन गांवों में घुसा पानी

Thu, 06 Jul 2017 11:26 PM IST
amar ujala
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन गांवों में घुसा पानी
विज्ञापन

प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट, गांवों को खाली कराने का काम शुरू
दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही घाघरा

घाघरा ने तटीय क्षेत्रों में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को तीन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। नदी दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। प्रशासन ने बाढ़ को देखते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

गांवों को खाली कराने का काम शुरू हो गया है। लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा जा रहा है। मौके पर जल पीएसी को बुुला लिया गया है। बुधवार शाम से गुरुवार देर शाम तक घाघरा का पानी मांझा रायपुुर, नैपुरा, परसावल गांवों में घुस गया। करनैलगंज तहसील की ग्राम पंचायत नकहरा, काशीपुर व घरकुंइयां में भी पानी घुसने लगा है।
विज्ञापन


नकहरा के मजरा खालेपुुरवा में कई घरों में पानी घुस गया। गुुरुवार को बाढ़ की सूचना पर जल पीएसी को पाल्हापुर बाढ़ केंद्र पर तैनात कर दी गई। प्रशासन ने गांव को खाली कराने का काम भी तेजी के साथ शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को सुरक्षित ठिकानों पर जाने के लिए कहा गया है।

आशंका हैकि अगर नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अगले 24 घंटे भारी पड़ सकते हैं। वहीं, 48 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी से लोग परेशान हैं। बांध के किनारे लगाये गये जिओ ट्यूब के ऊपर से पानी बहना शुरू हो गया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है।

पिछले वर्ष कटे बांध की मरम्मत न होने से इस बार घाघरा लोगों पर कहर बनकर टूट सकती है। एक किलोमीटर लंबी घाघरा की धारा ने सीधे जिले की ओर रुख कर रखा है। कट-वन व कट-टू में भी कटान होने लगी हैै। ऐसे में अगर बांध का बचा हिस्सा कटता है तो स्थिति भयावह हो सकती है।

शीपुर व नकहरा गांव के सामने पिछले साल कटे एल्गिन-चरसडी बांध के हिस्से को बिना मरम्मत कराए छोड़ देने से तहसील की 72 ग्राम पंचायतों के 670 मजरे और करीब 22 हजार परिवारों की सवा लाख आबादी पर बाढ़ का संकट मंडरा रहा है।

कटे हिस्से से नदी ने एक धारा बना ली है। जिसके जरिये इलाके मे बाढ़ का पानी घुस रहा है। बीते आठ अगस्त को जब बांध व रिंग बांध दोनों कट कर नदी में समाये थे, उस समय इसकी दूरी महज 500 मीटर थी। लेकिन बांध को बगैर मरम्मत छोड़ दिए जाने से यह दूरी अब बढ़कर एक किलोमीटर हो गई है। नदी बांध के दोनों सिरों को तेजी से काटने में लगी है। 
विज्ञापन


एल्गिन चरसड़ी ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे है। लेकिन जिस तरह से बरसात हो रही है, उससे अगले 24 घंटों मे इसका पानी खतरे के निशान को पार कर सकता है। गुरुवार को घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 105.516 पर था। पहाड़ी नालों से घाघरा नदी में करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें