करनैलगंज में स्पर के करीब पहुंचा सरयू नदी का पानी। स्रोत: विभाग
करनैलगंज (गोंडा)। पहाड़ी नालों का पानी सरयू नदी में आना शुरू हो गया है। जिससे नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। इस वर्ष बाढ़ की स्थिति से बचने और बांध में कटान रोकने के लिए 22 किलोमीटर लंबे बांध की मरम्मत के साथ ही पानी अधिक होने पर रेगुलेटर के जरिए निकालने की व्यवस्था की जा रही है। आठ रेगुलेटरों को खोलकर उनकी मरम्मत, रंगाई पुताई, ग्रीसिंग, आयलिंग का काम शुरू हो गया है।
गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए 22 किलोमीटर की दूरी में आठ रेगुलेटरों को लगाया गया था। पिछले वर्ष जब बहुवन मदार मांझा के पास बाढ़ के अंतिम चरण में कटान शुरू हुई तो सभी अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए थे। उस समय रेगुलेटर को खोलने की तैयारी थी, मगर जलस्तर घटने से इसकी जरूरत नहीं पड़ी।
इस वर्ष बाढ़ खंड के अधिकारी सतर्क हैं। सभी रेगुलेटरों में ऑयलिंग, ग्रीसिंग, रंगाई, पुताई के साथ उनकी मरम्मत भी बाढ़ आने के पहले पूरी कर ली गई है। दूसरी तरफ इस वर्ष गर्मी और तपिश के चलते पहाड़ी नालों से पानी अधिक आने की संभावना जताई जा रही है। जिससे बांध को भी दुरुस्त कराने की प्रक्रिया जोरशोर से चलाई जा रही है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य का कहना है कि बांध की मरम्मत का काम चल रहा है।