गोंडा। मेडिकल कॉलेज में पेयजल का संकट बना हुआ है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर डीएम प्रियंका निरंजन ने सीएमएस से जवाब तलब किया है। वहीं, दूसरी तरफ समस्या का समाधान न होने से पानी की आपूर्ति बाधित है। मरीजों व तीमारदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 1700 से 2000 तक मरीज पहुंचते हैं। दूरदराज के लोग यहां इलाज के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। 23 जून को माईसिटी में सात दिनों से पेयजल संकट, मरीज परेशान शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद डीएम ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से जवाब मांगा है।
सोमवार को गोड़वा के शिवपूजन व रमेश मेडिकल कॉलेज आए थे। बताया कि यहां वाटर कूलर में पानी नहीं है। नगर पालिका के टैंकर का पानी काफी गर्म है। इसलिए पानी खरीदकर पीना पड़ा। यह समस्या किसी एक की नहीं, बल्कि यहां आने वाले सभी मरीजों व तीमारदारों की है। सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि नर्सिंग कॉलेज के निर्माण के लिए खोदाई के दौरान पाइप क्षतिग्रस्त हो गई थी। समस्या संज्ञान में है। कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया गया है। मेडिकल कॉलेज आने वाले लोगों को नगर पालिका के टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।