गोंडा। जिले में लोकसभा व विधानसभा की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अब अनमैप मतदाताओं को नोटिस पहुंचाया जाएगा। जिले व तहसील स्तर पर बीएलओ, सुपरवाइजर और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया, जहां नोटिस में पूरी जानकारी होगी। सात दिन में पहचान प्रमाण भी उपलब्ध कराना होगा।
एसडीएम सदर अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि डीएम के निर्देश पर गोंडा सदर विधानसभा के सभी 425 बीएलओ, 42 सुपरवाइजर और 20 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। अनमैप मतदाताओं को बीएलओ घर-घर नोटिस पहुंचाएंगे। एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं व छूटे मतदाताओं का नाम बढ़ाने, मृतक, स्थानांतरित मतदाताओं व डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाने व नाम में त्रुटि आदि फॉर्म जमा करेंगे।
मतदाताओं की फोटो में भी सुधार किया जा सकेगा। नोटिस पर सुनवाई का स्थान, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का नाम समेत सभी जरूरी जानकारी नोटिस पर ही अंकित होगी। इसके लिए सभी अधिकारियों के बैठने के स्थान निर्धारित किए गए हैं। तहसील, बीडीओ, बीईओ समेत अन्य कार्यालय में बैठना सुनिश्चित किया गया है। नोटिस जारी होने के बाद 13 पहचान प्रमाण में से कोई एक मतदाता संबंधित अधिकारी को उपलब्ध कराएगा। इसके बाद निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के स्तर से निर्णय लिया जाएगा।
123 अधिकारियों को किया प्रशिक्षित
जिला पंचायत सभागार में 123 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रशिक्षित किया गया। उन्हें सुनवाई के दौरान बरती जाने वाले सावधानियों की जानकारी दी गई। जिलेभर के शिक्षा, विकास समेत अन्य अधिकारियों को लगाया गया है। एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रशिक्षण दिया गया है। इस दौरान निर्वाचन कार्यालय से मो. रजी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।