नौ अप्रैल से 17 अप्रैल तक आयोजित होंगे विभिन्न कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद पहली बार रामनवमी को भव्यतम स्वरूप देने की तैयारी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन विश्व हिंदू परिषद, बजरंगदल व अन्य इसमें जुट गये हैं। पूरे जनपद में 501 स्थानों पर रामोत्सव मनाए जाने का प्रबंध प्रस्तावित है। नौ अप्रैल से 17 अप्रैल तक विविध आयोजन होते रहेंगे। इस दौरान रामाधुन, रामचरित मानस का पाठ, राममंदिर दर्शन आदि कार्यक्रम होंगे।
विश्व हिंदू परिषद के विभाग संयोजक शारदाकांत पांडेय ने बताया कि जिले के 501 स्थानों पर रामोत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जहां नवरात्र के पहले दिन से रामनवमी तक विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। पहले दिन हिंदू नववर्ष के अवसर पर प्रभात फेरी व ध्वज रैली निकालकर लोगों को सनातन संस्कृति के बारे में जागरूक किया जाएगा। दूसरे दिन भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए पांच सौ सालों के लंबे संघर्ष के विषय में जानकारी दी जाएगी। इसी प्रकार सुंदरकांड, रामाधुन, दुर्गा सप्तशती पाठ सहित अन्य धार्मिक आयोजन होंगे। 17 अप्रैल रामनवमी के दिन लोगों को अयोध्या दर्शन के लिए प्रेरित किया जाएगा। विहिप के सभी पदाधिकारी सामूहिक रूप से भगवान प्रभु श्रीराम के दर्शन करेंगे।
सादगी के साथ रामनवमी मनाएं स्वयंसेवक
रामनवमी के अवसर पर आरएसएस ने अपने स्वयंसेवकों को सादगी और सतर्कता बरतने का निर्देश जारी किया है। नवरात्र के पहले दिन वर्ष प्रतिपदा उत्सव सादगी के साथ मनाया जाएगा। आरएसएस के जिला प्रचारक आकाश ने बताया कि इस बार संगठन का निर्देश है कि चुनावी आचार संहिता को देखते हुए बड़े कार्यक्रम नहीं आयोजित किए जाएंगे। पद संचलन का आयोजन भी इस बार नहीं होगा। ताकि राजनीतिक दलों के लोग शामिल होकर चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन न करने पाएं। आरएसएस इस बार पूरी ऊर्जा संगठन विस्तार में खर्च करेगा।