मेडिकल कॉलेज में शिक्षक विपिन कुमार यादव का इलाज करते चिकित्सक। - संवाद
विश्नोहरपुर। जहर खाने से शिक्षक विपिन यादव की मौत से साथी शिक्षक सदमे में हैं। प्राथमिक पाठशाला जैतपुर के प्रधानाध्यापक सर्वोदय कृष्ण पांडेय ने बताया कि मंगलवार सुबह जब वह 08:45 बजे स्कूल आए। उसके कुछ देर बाद जानकारी मिली कि विपिन गोनार्द हाॅस्पिटल में भर्ती हैं। जब वह लोग वहां पहुंचे तो पता चला कि उन्हें गोंडा रेफर कर दिया गया है। सर्वोदय ने बताया कि विपिन की बीएलओ की ड्यूटी लगी थी। सोमवार शाम पांच बजे तक उन्होंने काम किया। कायदे से ड्यूटी कर रहे थे। कुछ दबाव तो रहा ही होगा, लेकिन विपिन ने कभी चर्चा नहीं की। उनका कामकाज अच्छा था। स्कूल के अन्य शिक्षक भी इस घटना से हतप्रभ हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर अन्य शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस घटना पर दुख जताया है।
मेडिकल कॉलेज में मची रही अफरा-तफरी
शिक्षक विपिन यादव को मेडिकल कॉलेज में करीब एक घंटे तक रखकर इलाज किया गया। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, प्रभारी सीएमएस डॉ. आफताब आलम सहित अन्य चिकित्सकों की टीम लगी रही। हालत में सुधार न होने पर केजीएमयू भेजा गया। डीएम प्रियंका निरंजन अधिकारियों के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। परिजनों से बात करके अधिकारियों को साथ में लखनऊ भेजा। एसपी विनीत जायसवाल से बात करके विपिन को समय से केजीएमयू पहुंचाने में मदद मांगी। रास्ते में एंबुलेंस कहीं जाम में न फंसे, इसके लिए साथ ही पुलिस की गाड़ी भी भेजी गई।
जांच की मांग
मामले की हो जांचप्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सुशील पांडेय ने कहा कि साथी शिक्षक पर अनावश्यक दबाव की वजह से हुई ये घटना निंदनीय है। एसआईआर में लगाए गए सभी शिक्षक पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं। सभी अवकाश रद हो चुके हैं। शिक्षक देर रात तक काम कर रहे हैं। फिर भी उन पर एफआईआर कराने, वेतन काटने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पूरे मामले की जांच कराई जाए।