भागपुर बिजली उपकेंद्र में प्रदर्शन करते ग्रामीण। स्रोत: वीडियोग्रैब
गोंडा। घर में पानी नहीं, बच्चों की पढ़ाई ठप और मरीजों की देखभाल तक मुश्किल... कई दिन से बिजली संकट झेल रहे इंद्रापुर समेत आसपास के गांवों के लोगों का सब्र शुक्रवार को टूट गया। ग्रामीणों ने सुभागपुर विद्युत उपकेंद्र का घेराव कर नारेबाजी की। देर शाम तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने उपकेंद्र के गेट पर बाहर से ताला जड़ दिया। उन्होंने क्षेत्रीय जेई को हटाने और तत्काल आपूर्ति बहाल कराने की मांग की।
शुक्रवार दोपहर दो बजे राहुल शुक्ल, राजा शुक्ल, नूरआलम, राजन, गिरीश और राम स्वरूप समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपकेंद्र पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि कई दिन से बिजली आपूर्ति बाधित है। नलकूप और मोटर बंद होने से पीने और घरेलू जरूरत के पानी के लिए भी भटकना पड़ रहा है। जरूरी काम चलाने के लिए लोग 500 से 1000 रुपये तक में जनरेटर किराये पर लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली संकट की शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।
रात करीब आठ बजे सूचना पर देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद ग्रामीण लौट गए। सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना पर कोतवाल को मौके पर भेजा गया था। ग्रामीणों को शांत कराने के बाद आपूर्ति बहाल कराने के लिए बिजली विभाग से समन्वय किया गया है।
250 से अधिक पोल टूटने से बिगड़ी व्यवस्था
विद्युतकर्मियों के अनुसार आंधी-बारिश के दौरान सुभागपुर फीडर क्षेत्र में बिजली के 250 से अधिक पोल टूट गए थे। लाइन दुरुस्त करने का काम जारी है। विभाग का दावा है कि अधिकांश गांवों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है। अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव ने बताया कि जेई और एसडीओ को समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं। फोन नहीं उठने पर उपभोक्ता कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।