विनोद साहनी का शव रखकर मार्ग जाम करते लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
पुलिस-प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
विनोद की हत्या की खबर पाकर आसपास के गांवों और अन्य जिलों से निषाद समाज के सैकड़ों लोग शुक्रवार सुबह मल्लहनपुरवा पहुंच गए। ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने पुलिस-प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब एक से डेढ़ किलोमीटर आगे बढ़ने पर पुलिस ने अवरोध लगाकर लोगों को रोकने का प्रयास किया। मगर भीड़ अधिक होने के कारण अवरोध प्रभावी नहीं हो सका।
प्रदर्शनकारी शाहपुर-धनावा पहुंच गए और सड़क पर शव रखकर जाम लगाकर धरना शुरू कर दिया। सुबह करीब 11:45 बजे शुरू हुआ धरना दोपहर 02:15 बजे तक चला। प्रदर्शनकारी मौके पर डीएम और एसपी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने, परिवार को पांच करोड़ रुपये मुआवजा देने, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और परिवार की सुरक्षा की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद।
- फोटो : amar ujala
डीएम प्रियंका निरंजन और एसपी मौके पर पहुंचे
सपा के पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह, प्रदेश सचिव दिग्विजय सिंह, सपा नेता काजल निषाद और कांग्रेस नेता त्रिलोकी नाथ तिवारी समेत कई लोग मौके पर पहुंचे। करीब 2.00 बजे डीएम प्रियंका निरंजन और एसपी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता कर कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
इधर, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ सर्किट हाउस से पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। करीब एक किलोमीटर पैदल मार्च के बाद कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के सामने बैठकर उन्होंने धरना शुरू कर दिया। करनैलगंज विधायक अजय सिंह भी उनके साथ धरने पर बैठ गए।
कार्यकर्ताओं ने हत्याकांड में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। डीएम प्रियंका निरंजन भी कैबिनेट मंत्री के साथ जमीन पर बैठीं और उनकी मांगें सुनीं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। आश्वासन के बाद कैबिनेट मंत्री ने दोपहर 12:55 बजे धरना समाप्त कर दिया।