गोंडा। जिले के 339 कॉलेजों की ओर से छात्रवृत्ति के लिए ई-केवाईसी व बाॅयोमीट्रिक सत्यापन न होने के कारण यहां आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति फंस सकती है। समाज कल्याण अधिकारी ने कॉलेज के प्रधानाचार्य व नोडल अधिकारियों को पत्र लिखकर दो दिन के भीतर सत्यापन कार्य न पूरा होने पर छात्रवृत्ति का मास्टर डाटा विलोपित किए जाने की चेतावनी दी है।
शासन की ओर से छात्रवृत्ति योजना में पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी व बाॅयोमीट्रिक एथेंटिकेशन की व्यवस्था की गई है। लेकिन कॉलेजों की मनमानी के चलते सत्यापन कार्य अटका हुआ है। समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी ने बताया कि कक्षा नौ व 10 के 210 विद्यालय, कक्षा 11 व 12 के 108 विद्यालय व उच्च शिक्षा के 31 संस्थानों की ओर से अभी तक ई-केवाईसी के माध्यम से छात्रों का बॉयोमीट्रिक सत्यापन नहीं किया गया है। जिससे समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से आवेदन पत्रों की जांच नहीं हो पा रही है।
सभी संस्थानों के प्रधानाचार्य व नोडल अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देशित किया गया है कि यदि दो दिन के भीतर छात्रवृत्ति से संबंधी जरूरी कार्रवाई पूरी नहीं हुई तो ऐसे संस्थानों पर मास्टर डेटा विलोपित कर जिला छात्रवृत्ति समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित विद्यालयों के छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित हो सकते हैं, इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की होगी।