गोंडा। भीषण ठंड व बर्फीली हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। शीतलहर को देखते हुए परिषदीय विद्यालयों में अवकाश घोषित हो चुका है, लेकिन आंगनबाड़ी सेंटरों पर अब तक अवकाश की घोषणा नहीं की गई है। जिले के 3095 आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह साल आयु वाले बच्चे ठिठुर रहे हैं।
पछुआ हवा के चलते तापमान गिरकर नौ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। भीषण ठंड में युवा, महिला, बुजुर्ग सब परेशान हैं। इसके बावजूद आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इससे अभिभावक अपने बच्चों के सेहत को लेकर चिंतित हैं। बृहस्पतिवार को करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम नरायनपुर माझा के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चे ठिठुरते दिखाई पड़े। कार्यकत्री पुष्पा देवी, शशि प्रभा, सुशीला देवी, सुमन देवी और स्मिता ने बताया कि भीषण ठंड के बावजूद बच्चों को केंद्र बुलाकर उन्हें पढ़ाना और सामग्री उपलब्ध कराने का आदेश है। इस पर बच्चों को बुलाया जाता है, लेकिन संख्या काफी कम थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश के लिए फाइल चलाई गई है। स्वीकृति मिलने पर अवकाश घोषित किया जाएगा। एक-दो दिन के भीतर आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश हो जाएगा।
छोटे बच्चों को ठंड से बचाना जरूरी
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम ने बताया कि भीषण ठंड से बच्चों को बचाना बहुत जरूरी है। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिससे उनके बीमार पड़ने की आशंका अधिक रहती है। ठंड में सर्दी, जुकाम के साथ निमोनिया व कोल्ड डायरिया का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में छोटे बच्चों को बाहर न निकलने दें। ज्यादा जरूरी होने पर गर्म कपड़े पहनाकर व कान ढककर बाहर भेजें।