गोंडा। जाम में वाहन फंसने के कारण समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाने से सोमवार को सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट घनश्याम मिश्र की रास्ते में ही मौत हो गई। सीने में तेज दर्द होने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे। घर से अस्पताल तक तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब 45 मिनट लग गए। जाम में चार एंबुलेंस भी फंसी रहीं।
जिला अस्पताल के सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट घनश्याम मिश्र की जानकीनगर स्थित आवास पर सोमवार सुबह 11 बजे एकाएक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द होने पर परिजन उन्हें कार से लेकर अस्पताल के लिए निकले, लेकिन अस्पताल के बाहर लगे जाम में फंस गए। बेटे पवन मिश्र ने बताया कि घर से तीन किलोमीटर दूर स्थित मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी तक पहुंचने में करीब 45 मिनट लग गए। इमरजेंसी में पहुंचने पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मेडिकल कॉलेज के गेट के आसपास चार एंबुलेंस भी काफी देर तक जाम में फंसी रहीं। 108 की एक एंबुलेंस को गेट से इमरजेंसी तक पहुंचने में ही 28 मिनट लग गए। ईएमटी विकास कुमार ने बताया कि चिलबिला खत्तीपुर निवासी सुनीता देवी को गंभीर हालत में एंबुलेंस से लाया गया था। उन्हें बमुश्किल इमरजेंसी तक पहुंचाया जा सका।
एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के जाम में उनकी चार एंबुलेंस फंसी थीं। एक गाड़ी 28 मिनट तथा अन्य गाड़ियां 12 से 15 मिनट तक फंसी रहीं। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुरक्षाकर्मियों की होगी तैनाती
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम. डब्ल्यू खान ने बताया कि अस्पताल परिसर में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की मांग प्राचार्य से की गई है। अगले सप्ताह तक पूर्व सैनिकों की तैनाती का आश्वासन मिला है। इससे परिसर में जाम की समस्या से निजात मिलेगी। सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त होगी। पार्किंग की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।