पीड़ित ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्य चिकित्साधीक्षक को शिकायतीपत्र दिया है। सीएमएस डॉ. अनिल सिंह की मानें तो महिला की मौत अधिक रक्तश्राव के कारण हुई है।
कटराबाजार इलाके के दुबहाबाजार में रहने वाला सत्यदेव सिंह सेमरादम्मन में रहकर एक होटल चलाता है। परिवार में उसकी पत्नी बिट्टू सिंह और जो जुड़वा बच्चे निक्की व विक्की (7) हैं। बकौल सत्यदेव दो दिन पहले उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई थी। जिस पर वह बिट्टू (28) को लेकर महिला अस्पताल गया।
वहां डॉक्टरों ने बताया कि अभी डिलीवरी में कुछ समय शेष है, इसलिए वह पत्नी को लेकर घर चला जाए और जब दोबारा से दर्द उठे, तो उसे फिर से लेकर आ जाए। सत्यदेव के मुताबिक इसके बाद वह घर चला गया। बुधवार तड़के सुबह उसकी पत्नी को फिर से तेज दर्द उठा।
उसने जैसे-तैसे साधन की व्यवस्था की और पत्नी को महिला अस्पताल लेकर आया। जहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन जन्म लेने के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। जबकि डिलीवरी के बाद से ही उसकी पत्नी को तेज ब्लीडिंग भी शुरू हो गई।
इस पर वह डॉक्टर के पास कई बार गया और पत्नी को बचाने की गुहार भी लगाई। लेकिन किसी डॉक्टर ने उसकी एक न सुनी और अत्यधिक रक्तश्राव से पत्नी की मौत हो गई। इसके बाद जिला अस्पताल में जुटे सत्यदेव के सहयोगियों ने अस्पताल परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया।
सत्यदेव का आरोप है कि उसकी पत्नी का महिला अस्पताल के डॉक्टरों ने ठीक तरह से इलाज नहीं किया। जिसके कारण उसकी मौत हो गई। जबकि स्वस्थ पैदा हुआ, उसका बच्चा भी बाद में मर गया। महिला अस्पताल के सीएमएस की मानें तो मृतक महिला ने जिस बच्चे को जन्म दिया था, वह पहले से ही मरा था।
उसकी मौत मां के गर्भ में ही हो गई थी। इसके कारण अत्यधिक रक्तश्राव हुआ और उसकी मौत हो गई। हालांकि, पीड़ित पक्ष की तरफ से मिली शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। अगर इलाज में लापरवाही उजागर होती है तो उसके कार्रवाई की जाएगी।