करनैलगंज (गोंडा)। सीएचसी करनैलगंज में शुक्रवार सुबह एक महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने पहुंचकर स्थिति संभाली और परिजनों को समझाकर शांत कराया।
प्रतापपुर चचरी निवासी सीमा (35) की तबीयत बिगड़ने पर शुक्रवार सुबह सीएचसी में भर्ती कराया गया। सीमा के बेटे राहुल ने बताया कि सीएचसी में एक चिकित्सक के आवास पर दिखाया गया। डॉक्टर ने जांच कराने को कहा। जांच रिपोर्ट में इंफेक्शन होने की जानकारी देते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। राहुल ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्यकर्मी ने उसकी मां को एक इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर होने लगी। करीब 20 मिनट तक तेज-तेज सांसें लेते हुए वह तड़पती रहीं। डॉक्टर व इंजेक्शन लगाने वाला स्वास्थ्यकर्मी सीएचसी से भाग गए। एक स्वास्थ्यकर्मी के आगे हाथ जोड़े, लेकिन उसने कहा कि डॉक्टर को ही बुलाओ। करीब 20 मिनट के बाद सीमा ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत पर परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। करीब दो घंटे तक अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ। पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर घरवाले शव लेकर चले गए। राहुल ने इंजेक्शन लगाने वाले स्वास्थ्यकर्मी व डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है।
शादी में पंजाब से आई थीं सीमा
राहुल ने बताया कि उसका पूरा परिवार पंजाब में रहकर मेहनत मजदूरी करता है। पांच मई को रिश्तेदार के यहां शादी में पूरा परिवार आया था। यहां आठ मई की रात उसकी मां की तबीयत बिगड़ गई। सीमा की मौत से बेटे राहुल, साहिल और पवन रो-रोकर बेहाल हैं।
इलाज में नहीं हुई लापरवाही
करनैलगंज सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अनुज कुमार ने बताया कि महिला कई दिन से बीमार थी। किडनी में इंफेक्शन बढ़ गया था, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है।