‘मेरी पहुंच ऊपर तक है,चाहे डीएम हो या डीपीआरओ, किसी में कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं है। एक फोन आया और डीएम व डीपीआरओ बैकफुट पर आ गए।’ यह एक ग्राम पंचायत सचिव की बातचीत की रिकार्डिंग के वह अंश हैं जिसमें एडीओ पंचायत अपने दोस्तों के सामने अपने राजनीतिक रसूख का बखान कर रहे हैं। सचिव के बड़बोलेपन की यह रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बुधवार की देर शाम डीएम के आदेश पर डीपीआरओ ने सचिव को निलंबित कर दिया है।
रुपईडीह ब्लॉक में ग्राम पंचायत फरेंदा शुक्ल में ग्राम पंचायत अधिकारी के तौर पर सुभाष चंद्र पांडेय की तैनाती है। सचिव के काम के अलावा इनके पास सहायक विकास अधिकारी पंचायत का भी प्रभार है। हाल ही में ग्राम पंचायत फरेंदा शुक्ल में कोटे के चयन की कार्रवाई को लेकर इन पर ग्रामीणों की अनदेखी का आरोप लग चुका है।
इस मामले को लेकर फरेंदा शुक्ल की ग्राम प्रधान अन्नू देवी शुक्ला ने सचिव सुभाष पांडेय पर प्रधानमंत्री आवास योजना में अवैध रूप से धन उगाही का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत जिला प्रशासन समेत मुख्यमंत्री से की थी।
इसी की जांच को लेकर बीते दिन जिला पंचायत राज अधिकारी ने इन्हें तलब किया था। वहां से लौटने के बाद डीपीआरओ से बातचीत की जानकारी अपने साथी कर्मचारियों को देने के दौरान सचिव सुभाष चंद्र पांडेय बहक गए। वह अपने रसूख का बखान करने लगे।
उन्होंने जिलाधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी पर अभद्र टिप्पणी कर डाली और अफसरों की हिम्मत को ललकार बैठे। सुभाषचंद्र पांडेय के इस बड़बोलेपन को किसी ने मोबाइल में रिकार्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
इस रिकार्डिंग के सामने आने के बाद जिलाधिकारी जेबी सिंह ने डीपीआरओ को सचिव के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीएम के आदेश पर बुधवार की देर शाम जिला पंचायत राज अधिकारी घनश्याम सागर ने सचिव/प्रभारी एडीओ पंचायत सुभाष चंद्र पांडेय को जिला प्रशासन के अफसरों के खिलाफ गलत बयानबाजी करने के आरोप में निलंबित कर दिया। उनको इटियाथोक के ब्लॉक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है और इस मामले की जांच वजीरगंज के एडीओ पंचायत को सौंपी गई है।