फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: पूर्व सांसद बृजभूषण बोले- राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों की हुई उपेक्षा, विनय कटियार का बयान सही

Thu, 18 Jun 2026 02:35 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा

सार

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मंदिर निर्माण के बाद सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना उन्हीं लोगों को करना पड़ रहा है, जिन्होंने आंदोलन को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
विज्ञापन
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों की उपेक्षा और अयोध्या में लागू बैरियर व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार के उस वक्तव्य का समर्थन किया, जिसमें आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी की बात कही गई थी। बृजभूषण ने कहा कि मंदिर निर्माण के बाद सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना उन्हीं लोगों को करना पड़ रहा है, जिन्होंने आंदोलन को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में देवीपाटन मंडल, बस्ती, अयोध्या और बाराबंकी क्षेत्र के लोगों का योगदान सबसे अधिक रहा। इन क्षेत्रों के हजारों कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए धन, जनसमर्थन और सक्रिय भागीदारी दी थी। आंदोलन के दौरान गांव-गांव से लोग अयोध्या पहुंचते थे और धार्मिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे।

पूर्व सांसद ने कहा कि पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित रूप से अयोध्या पहुंचकर नागेश्वरनाथ मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करते थे। अनेक श्रद्धालुओं की ऐसी आस्था थी कि दर्शन किए बिना वे जल तक ग्रहण नहीं करते थे। लेकिन मंदिर निर्माण के बाद सुरक्षा कारणों से बनाई गई व्यवस्थाओं और बैरियरों के चलते आम लोगों की आवाजाही कठिन हो गई है। इससे आंदोलन से जुड़े लोगों और स्थानीय श्रद्धालुओं में उपेक्षा की भावना पैदा हुई है।
विज्ञापन


बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय तक कई मार्गों पर बैरियर लगाए गए, जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को अयोध्या पहुंचने में कई बार अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी और यातायात संबंधी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। उनका कहना था कि अयोध्या, अंबेडकरनगर, बस्ती और बाराबंकी जैसे क्षेत्रों में जनता के बीच इस व्यवस्था को लेकर असंतोष देखने को मिला। उन्होंने दावा किया कि इसका प्रभाव चुनावी परिणामों में भी दिखाई दिया और पार्टी को कुछ क्षेत्रों में नुकसान उठाना पड़ा।
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें