- दिल्ली की एम/एस वैभव एंटरप्राइजेज की जांच में खुलासा हुआ कि बिना वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त किए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत लाभ उठाकर सरकारी राजस्व को 56.10 लाख रुपये की क्षति पहुंचाई गई। राज्य कर अधिकारियों के अनुसार, फर्म का जीएसटी पंजीकरण 30 सितंबर 2024 को कराया गया था, लेकिन जांच के दौरान घोषित व्यापार स्थल पर कोई कारोबार नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने भी इस फर्म से अनभिज्ञता जताई।
- अनिंदिता एंटरप्राइजेज की जांच में सामने आया कि फर्म ने बिना वास्तविक आपूर्ति के आईटीसी का दावा करके करीब 1.61 करोड़ रुपये की जीएसटी हानि पहुंचाई। विभागीय जांच में घोषित व्यापार स्थल और आवासीय पते पर फर्म का कोई अस्तित्व नहीं मिला। संपर्क के लिए दर्ज मोबाइल नंबर भी बंद पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, फर्म ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीकरण प्राप्त कर कागजों पर ही कारोबार दिखाया।
- श्री ट्रेडिंग कंपनी ने वर्ष 2019-20 में बिना वास्तविक माल की आपूर्ति किए ही 4.79 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास-ऑन किया। विभागीय टीम द्वारा घोषित व्यापार स्थल की जांच में वहां किसी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि नहीं पाई गई।