गोंडा। प्रदेश और देश अब पूरी तरह से कोरोना के प्रति सतर्कता बरत रहा है। सोमवार को प्रदेश भर में अलर्ट के मद्देनजर गोंडा में भी अघोषित लाक डाउन किया गया है। डीएम ने इस संबंध में आदेश जारी किये हैं। डीएम डॉ नितिन बंसल ने पूरे जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों के सभी बाजारों और दुकानों को बंद करने के निर्देश दिये हैं। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में पुलिस और प्रशासन की टीम ने शहर में दुकानों को बंद कराने के लिए अभियान चलाया गया। लोगों से जरूरी होने पर ही घर से निकलने की अपील की गई है।
जिले के सभी नगरीय, ग्रामीण क्षेत्रों में रेस्तरां, कैफे, फूड प्वाइंट के साथ ही खाने-पीने के ठेले आदि पर 2 अप्रैल तक सामूहिक खाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी प्रकार के सरकारी और गैर सरकारी निर्माण कार्यों को भी पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। किसी भी सार्वजनिक स्थल पर 5 या 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक लगा दी गई है। डीएम डॉ बंसल ने कहा है कि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके ख्यान प्रशासन रखेगा।
चकबंदी न्यायालय भी स्थगित
कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए ऐसी सभी जगहें जहां पर लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है, उन कार्यालयों को बंद कराया जा रहा है। इसे देखते हुए चकबंदी न्यायालय में न्यायिक कार्य 2 अप्रैल तक स्थगित कर दिया गया है। इसके बाद यदि आवश्यकता हुई तो इस बंदी को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
थम गये ऑटो और टैक्सी के पहिए
डीएम की ओर से जारी किये गये निर्देश में सोमवार से गोंडा के समस्त नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के बस, टैम्पो और टेक्सी का संचालन पूरी तरह से रोक लगा दिया गया है। 2 अप्रैल तक ये प्रतिबंध जारी रहेंगे। केवल ई-रिक्शा व हाथ चालित रिक्शा पर चालक के अलावा एक सवारी ही अग्रिम आदेशों तक बैठ सकेगी। सभी सिनेमाहाल, शोरूम, रिटेल स्टोर भी दो अप्रैल तक बंद रखने के निर्देश दिये गये हैं। आवश्यक वस्तुओं की दुकानें जैसे दवाईयां, किराना, फल और सब्जी आदि की दुकानें खुली रहेंगी।
जमाखोरों पर रहेगी विशेष नजर
बताया जा रहा है जिस तरह प्रशासन शहर और ग्रामीण इलाकों में बंदी का माहौल चल रहा है तो कई लोग जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी कर रहे हैं। डीएम डॉ बंसल ने कहा कि ऐसे लोगों पर अब विशेष निगरानी की जायेगी। खादान्न सहित दैनिक उपयोग की सामग्री एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों की टीम बनाई गई जो कि सघन जांच करेगी।
छह अप्रैल तक कोई भी वसूली नहीं
कोरोना की महामारी के मद्देनजर सरकार की ओर से पूरी तरह से बंदी के असर वसूली पर भी पड़ेगा। डीएम ने साफ तौर पर कहा है कि राज्य सरकार, वित्तीय संस्थानों और अन्य प्रशासनिक निकायों और प्राधिकरणों और एजेंसियों की ओर से की जाने वाली वसूली की कार्रवाई 6 अप्रैल तक रोक दी गई है। किसी के खिलाफ कोई निष्कासन और बेदखली की कार्रवाई भी नहीं की जायेगी। नीलामी के कार्य भी इस दौरान पूरी तरह से स्थगित रहेंगे।
पूरे जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के बचाने के लिए आदेश जारी किये गये हैं। इनमें जो दुकानें जरूरी नहीं हैं उन्हें बंद कराया जा रहा है। केवल जरूरी संसाधनों से जुड़े प्रतिष्ठान ही खुले रहेंगे। लोगों से अपील की गई है कि वो जरूरी न हों तो अपने घरों में ही रहें। जिससे कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। -डॉ. नितिन बंसल, जिला मजिस्ट्रेट