गोंडा। जिला अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच कराने लिए 700 से लेकर 820 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। रेडियोलाजिस्ट का तबादला होने से क्षेत्रीय निदान केंद्र के अल्ट्रासाउंड विभाग में ताला लगा है। जबकि, एक्स-रे रिपोर्ट मरीजों को मोबाइल पर दी जा रही है।
मौसम बदलने के कारण जिला अस्पताल में मरीजों का तांता लगा रहता है तो अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को जेबें ढीली करनी पड़ रही हैं। जिला अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पीके श्रीवास्तव का तबादला हो गया है। अल्ट्रासाउंड विभाग में ताला लग गया। शुक्रवार को जिला अस्पताल में आए मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए बाहर 700 रुपये से 820 रुपये तक खर्च करने पड़े। मरीजों ने बताया कि बाहर अल्ट्रासाउंड के लिए किसी पैथालॉजी सेंटर पर 650 रुपये लिया जा रहा तो कही 700 रुपये वसूले जा रहे हैं। वहीं होम पैथालॉजी सेंटर में अल्ट्रासाउंड का चार्ज 820 रुपये देने पड़ रहे हैं।
मनकापुर से आए कृष्णकुमार ने जिला अस्पताल के डॉ. जितेंद्र पांडेय से इलाज करवाया, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच के लिए बाहर का रास्ता देखना पड़ा। बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए सात सौ रुपये देने पड़े हैं। शहर के विष्णुपुरी निवासी मिथलेश कुमारी ने डॉ. वीके गुप्ता से इलाज करवाया, लेकिन जांच के लिए बाहर जाना पड़ा। मिथलेश की अल्ट्रासाउंड जांच 650 रुपये में ही हो गई। बलरामपुर रोड जयनगरा से आई अनुसुईया देवी ने डॉ. एके त्रिपाठी से इलाज करवाया, लेकिन उन्हें क्षेत्रीय निदान केंद्र में निराशा हाथ लगी। बाहर 820 रुपये देकर जांच करवानी पड़ी।
एक्सरे प्लेट खत्म, मोबाइल पर रपोर्ट
जिला अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र स्थित एक्सरे विभाग में प्लेट खत्म होने से मरीजों को मोबाइल पर रिपोर्ट दी जा रही है। शुक्रवार को परसपुर के रामलुटावन ने बताया कि उनके लड़के का पैर टूट गया है। यहां एक्सरे करवाया, लेकिन रिपोर्ट की फोटो मोबाइल में खींचने के लिए कहा गया। राजा सगरा की जनक लली को भी एक्सरे रिपोर्ट नहीं मिल पाई।
एक्सरे रूम में लगा ताला
कटरा बाजार (गोंडा)। क्षेत्र के करीब ढाई लाख की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा कटरा में बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर है। क्षेत्र के लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से क्षेत्र में सरकारी अस्पताल बनाये गये। जहां मशीनें न होने से यहां आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल की भांति महंगी जांच करानी पड़ती है। एक्सरे रूम में ताला लगा रहता है वहीं एक्सरे रूम में मशीन की जगह दवाओं का भंडारण है। सीएचसी में पहुंचे नगर के मनीष कुमार ने बताया कि सीने में दर्द रहता है। सोचा कि सीएचसी पर ही जांच करा लें। मगर यहां एक्सरे मशीन ही नहीं है। वहीं ननके ने बताया कि कई दिनों से पैर में दर्द रहता है। हल्की सी मोच आ गई थी। अस्पताल में जांच कराने के लिए गया तो पता चला कि यहां नहीं होगी। नीरज कहते हैं कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन, एक्स-रे मशीन नहीं है। सीएससी अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार मौर्य ने बताया कि अस्पताल में एक्स-रे कक्ष तो है, लेकिन मशीन नहीं है। विभाग को इसके बारे में अवगत कराया गया है। बाकी अस्पताल की व्यवस्था सही है और दवाइयां भी भरपूर मात्रा में हैं।