उमरीबेगमगंज क्षेत्र में सोमवार को डेंगू के दो नए मरीज मिलने से अकेले जफरापुर गांव में इससे बीमार होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर तीन जा पहुंची है। जिसमें से एक मरीज सुंदरपाल की महीने भर पहले मौत हो चुकी है। जबकि एक का इलाज पीजीआई में चल रहा है।
वहीं, सोमवार को इसी गांव में डेंगू से पीड़ित 5 साल की आराध्या को शहर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। जबकि उमरी गांव में रहने वाले शेरबहादुर में डेंगू के लक्षण मिलने पर उन्हें परिवारीजन लखनऊ लेकर गए हैं।
तरबगंज तहसील के जफरापुर गांव में जहां महीने भर पहले गुजरात कमाने गए सुंदरपाल की डेंगू से मौत हो चुकी है, तो वहीं सोमवार को इसी गांव के मृत्युंजय सिंह की 5 साल की बेटी आराध्या में डेंगू के लक्षण मिले। परिवारीजनों ने उसे शहर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया है। वहीं, सोमवार को ही उमरी गांव में रहने वाले राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने बेटे शेरबहादुर (20) को डेंगू की शिकायत पर लखनऊ के यूनाइटेड हॉस्पिटल में ले जाकर भर्ती कराया है।
जफरापुर में सोमवार को डेंगू से बीमार हुई आराध्या को मिला कर अब तक तीन लोग गांव में डेंगू का शिकार हो चुके हैं। जिसमें से एक व्यक्ति की महीने भर पहले मौत हो चुकी है। वहीं, डेंगू से ही बालपुर, गोंडा शहर व खरगूपुर इलाके में अब तक चार लोगों की जानें जा चुकी हैं।
इसके बावजूद जिले की 34 लाख आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाले जिला अस्पताल में न तो डेंगू के जांच की कोई व्यवस्था है न ही इलाज की। सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा का कहना है कि जो संसाधन उनके पास हैं, उन्हीं से इस बीमारी से निपटने का प्रयास वह कर रहे हैं।