नवाबगंज (गोंडा)। तुलसीपुर माझा गांव में अनियमितता की जांच करने गए अफसरों के सामने ही दो पक्ष आपस में भिड़ गए। विवाद बढ़ते देखकर अधिकारी बिना जांच किए ही लौट गए। गांव के बृजभूषण सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत कर गांव में अनियमितता का आरोप लगाया था। जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया। शुक्रवार को जिला विकास अधिकारी ब्लाक के खंड विकास अधिकारी के साथ गांव में जांच करने गए। जांच के दौरान ही दो पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने लगा तो अधिकारी वापस चले गए।
गांव में शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली के शिकायत की जांच अधिकारियों ने शुरू ही किया था दो पक्ष आमने-सामने आ गए। गांव के एक व्यक्ति का आरोप था कि कई फर्जी भुगतान हुए हैं और घोटाला हो रहा है। इसी दौरान कुछ लोगों ने शिकायतों को बेबुनियाद बताया। जिला विकास अधिकारी ने सभी को शांति से बात बताने को कहा।
इसी बीच प्रधान समर्थकों और दूसरे पक्ष में विवाद बढ़ गया। अधिकारियों ने मामले को तूल पकड़ता देख, वहां से लौट जाना ही उचित समझा। बीडीओ राजाराम ने कहा कि शौचालय निर्माण के शिकायत की जांच हो रही थी। वहां विवाद होने के कारण लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि विवाद अधिकारियों से नहीं हुआ है, ऐसे में उनकी ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। लोग आपस में ही कहासुनी किए हैं।