पीड़ितों को दवा देते टीम के सदस्य
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ललिया थाना क्षेत्र के तिरकौलिया गांव में शुक्रवार सुबह डायरिया (उल्टी-दस्त) से पीड़ित बच्ची तथा युवक की मौत हो गई। गांव में पिछले एक माह से डायरिया का प्रकोप है। इससे पूर्व भी गांव में इस बीमारी के चलते चार लोगों की मौत हो चुकी है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप कर बीमारी की रोकथाम में जुटी है।
ललिया थाना क्षेत्र के तिरकौलिया गांव निवासी गोबरे की पुत्री किशना (6) तथा रामजागे (45) बीते दिनों उल्टी-दस्त से पीड़ित हुए थे। गुरुवार को दोनों लोगों को पीएचसी बल्देवनगर में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बीते करीब एक माह से उल्टी-दस्त का प्रकोप जारी है। 15 दिन पूर्व चार और लोगों की इसी बीमारी से मौत हो चुकी है। गांव में अन्य कई लोग इस बीमारी की चपेट में हैं। पिछले दिनों भी गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीमारी की रोकथाम का प्रयास किया था, लेकिन प्रकोप जस का तस बरकरार है।
गांव में इस समय जनका (60), सियाराम (70), ननकई (3 माह), बाऊर (10) तथा मुस्कान (5) उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। गांव में करीब 15 दिन पूर्व लक्ष्मी, दुलार, छोटी तथा श्यामकली की मौत उल्टी-दस्त से हो चुकी है। पीएचसी बल्देवनगर प्रभारी प्रणव पांडेय शुक्रवार को टीम के साथ गांव में कैंप कर पीड़ितों का इलाज कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि गांव में गंदगी तथा दूषित जल के सेवन से बीमारी का प्रकोप है। लोगों को दवा के साथ-साथ खान-पान में भी सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।