जानलेवा हमले के मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रपाल सिंह ने दो लोगों को सात वर्ष की सजा सुनाई है।
मामला वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव पुरैना गनेशपुर ग्रंट का है।
फरवरी 2014 में गोपी प्रसाद ने वजीरगंज थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि चंद्रभवन खटिक, उदय भान व अन्य लोग रात के समय उनकी दुकान पर आए और सामान मांगने लगे। रात में दुकान बंद होने के कारण सामान देने से मना किया तो आरोपियों ने तमंचे से फायर कर दिया, जो गोपी प्रसाद की जांघ में लगा।
इस मामले में वजीरगंज थाने में प्राण् घातक हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई। इस मामले का विचारण सत्र न्यायालय पर हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश चंद्र पाल सिंह ने सुनवाई करते हुए बचाव पक्ष तथा सहायक शासकीय अधिवकता अंबरीश यादव के तर्र्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने चंद्र भवन खटिक व उदयभान को दोषी मानते हुए सात वर्ष की सजा चुनाई है। साथ ही 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।