सभी को पेट में दर्ज और उल्टी की शिकायत बताई गई। इससे ग्रामीण दहशत में हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग अनजान बना था। शुक्रवार शाम तक जांच व उपचार के लिए कोई टीम गांव नहीं पहुंची थी।
वजीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के महादेवा गांव में संक्रामक बीमारी की चपेट में शुक्रवार तक कई किशोर व बच्चे आ गए। उनमें हामिद अली की पुत्री नूरजादी (14) तेज बुखार व पेट दर्द से पीड़ित थी।
परिवारीजनों ने गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान नरजादी की गुरुवार रात को मौत हो गई। नूरजादी की मौत से दहशत में आए ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते तब तक अन्नू के पुत्र उस्मान (15) की भी हालत बिगड़ गई।
परिवारीजन उसे भी उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। उस्मान की हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उसे भर्ती कर लिया। इलाज चल ही रहा था कि शुक्रवार को उस्मान की भी मौत हो गई। कुछ ही घंटों में एक किशोरी व एक किशोर की मौत के बाद ग्रामीण दहशत में आ गए। इस बीच गांव में पीड़ितों की संख्या में करीब दस हो गई।
गांव के आमिर (3) व यूसूफ (6) पुत्र गण अब्दुल वहाब, रफीक (10) पुत्र इरफान, जमील (45) पुत्र बशीर, मीना (19) पुत्री अजीज, हसीना बानो (30) पत्नी सैफ अली समेत सात गंभीर थे। उन्हें परिवारीजन उपचार के लिए अलग-अलग चिकित्सकों के पास ले गए।
अचानक इतनी संख्या में बच्चों व किशोरों के बीमार होने से ग्रामीण डरे हुए हैं। इसके बावजूद शाम तक कोई भी स्वास्थ्य टीम गांव नहीं पहुंची थी। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. अमित कुमार के मुताबिक बीमारी का पता नहीं चल सका है। जांच व उपचार के लिए गांव में टीम भेजी जा रही है।