गोंडा। ठंड के कारण हो रही हृदय रोग व सांस संबंधी तकलीफ थमने का नाम नहीं ले रही है। सीने में दर्द के साथ सांस लेने में तकलीफ की समस्या से पीड़ित मरीजों का अस्पताल में आने का सिलसिला भी जारी है। सोमवार को हार्ट अटैक से पीड़ित दो मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि सांस व सीने में दर्द की शिकायत से पीड़ित आठ नए मरीजों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
सोमवार को मेडिकल कॉलेज के पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी व दवा वितरण शेड में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। दोपहर दो बजे तक नए साल का सर्वाधिक 1591 मरीजों ने पंजीकरण कराया। जिसमें करीब 900 मरीज मौसम जनित बीमारी से पीड़ित रहे। जिनका ओपीडी में उपचार किया गया।
धानेपुर निवासी बद्री प्रसाद, मोतीगंज निवासी प्रभावती सिंह सहित चार लोगों को सांस की समस्या के कारण इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। वहीं सूबेदार पुरवा निवासी सत्तार अली को सीने में दर्द, जिया खान, नैनी व आफरीन को उल्टी व सीने में दर्द की परेशानी के बाद भर्ती कराया गया। गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद भी वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई युक्त बेड की कमी भी मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है। हार्ट अटैक की शिकायत के बाद रविवार को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती आवास विकास कालोनी निवासी पप्पू व लोढि़याघाटा निवासी मूरता देवी की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
ठंड में बचाव करें सांस व हृदयरोगी
मेडिकल कॉलेज के ईएमओ डॉ. दीपक सिंह ने बताया कि ठंड के दौरान सांस व हृदय रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में बुजुर्ग व सांस रोगियों को विशेष तौर पर बचाव की जरूरत होती है। ऐसे मरीज ठंड से बचने के लिए सुबह शाम घर से बाहर न निकलें। संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें। ब्लड प्रेशर, शुगर व कोलेस्ट्राल की समय समय पर जांच भी कराते रहें।