। मनकापुर के बैरीपुर रामनाथ गांव में मंगलवार को दो दिन पूर्व जन्मी एक नवजात गेंहू के खेत में पड़ी थी। जिसे चारो ओर से कुत्तों ने घेर रखा था। बच्ची के चीखने पर इसकी आवाज जैसे ही खेत की निगरानी को गए सज्जन यादव के कानों में पहुंची कि वह भागकर मौके पर पहुंचे और बच्ची को कुत्तों से बचाया।
सीएचसी मनकापुर में हुए प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को हम आपके साथ फाउंडेशन की अध्यक्ष रुचि मोदी साथ ले आई हैं, उनका कहना है कि बच्ची को बाल शिशु गृह में संरक्षित कराया जाएगा।
कन्या भ्रूण हत्या के प्रति भले ही सरकार लाख जागरूकता कार्यक्रम क्यों न चला ले, लेकिन बेटियों के साथ होने वाली बर्बरता और संदेनहीनता जगजाहिर है। बीते साल इस तरह का एक मामला कटराबाजार में पेश आया था।
जहां एक नवजात बच्ची को बोरी में बांधकर फेंक दिया गया था। लेकिन कुदरत का करम देखिए, 8 घंटे तक बंद बोरी में बंद बच्ची की सांसे चलती रही। जिसे बाद में एक व्यक्ति ने गोद ले लिया। ठीक उसी जैसे मामले की पुनरावृत्ति मंगलवार को मनकापुर इलाके में हुई।
जहां बैरीपुर रामनाथ गांव में रहने वाले सज्जन यादव के गेंहू के खेत में एक दो दिन पूर्व जन्मी मासूम की किलकारियां सुनने को मिली। दो दिन पूर्व जन्मी इस बच्ची को चारो ओर से कुत्तों ने घेर रखा था और बच्ची चीख रही थी। खेत के मालिक सज्जन यादव को जैसे ही बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी वह भागकर मौके पर पहुंचे और बच्ची के शिकार में खड़े कुत्तों को डंडे से भगाया।
इसकी सूचना उसने तत्काल गांव के मकालू दुबे को दी। जिन्होंने फोन कर पुलिस को बुलाया। जिसके बाद बच्ची का सीएचसी मनकापुर ले जाकर उपचार किया गया। जिसमें बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ मिली। बाद में मौके पर पहुंची हम आपके साथ फाउंडेशन की अध्यक्षा रुचि मोदी बच्ची को अपने साथ जिला मुख्यालय ले आई। रुचि मोदी ने बताया कि नवजात बच्ची को बाल शिशु गृह में संरक्षित कराया जाएगा।