गोंडा। सात साल से धोखाधड़ी के मुकदमे का दंश झेल रहे दो भाइयों को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जिला जज ने परिवादी की निगरानी याचिका खारिज कर दी है।
करनैलगंज कोतवाली के मोहल्ला कसगरान निवासी नारायन जी कुशवाहा ने कस्बे के मोहल्ला मौर्य नगर निवासी विजय बहादुर और उनके भाई हेतराम के खिलाफ साल 2018 में छल कपट और धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण कोतवाली पुलिस ने 21 अप्रैल 2018 को न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी थी।
वादी मुकदमा नारायन जी कुशवाहा की मृत्यु के बाद उनके बेटे कमलेश कुशवाहा ने 15 जुलाई 2024 को न्यायालय में प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया तो मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने परिवाद के रूप में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद परिवादी की ओर से कोई साक्ष्य नहीं दिया गया तो 15 जनवरी 2025 को सिविल जज (सीनियर डिवीजन एफटीसी नवीन) ने परिवाद निरस्त कर दिया। अवर न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए कमलेश कुशवाहा ने सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दायर कर दी। सुनवाई के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने मुकदमे में तथ्य, साक्ष्य, परिस्थितियों और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों पर विचार करते हुए निगरानी याचिका खारिज कर दी।